नई दिल्ली/कटरा/उज्जैन: चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर आज सातवें दिन (सप्तमी) देशभर के मंदिरों में भक्ति का चरम स्वरूप देखने को मिल रहा है। मां दुर्गा के सातवें और सबसे उग्र स्वरूप ‘मां कालरात्रि’ की पूजा-अर्चना के लिए सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु लंबी कतारों में नजर आए।

विनाशिनी और शुभंकारी मानी जाने वाली मां कालरात्रि के दर्शन के लिए जम्मू के ऊंचे पहाड़ों से लेकर दिल्ली के हृदय तक हर तरफ जयकारों की गूंज है।

वैष्णो देवी में सुरक्षा और सुविधा का संगम

जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित श्री माता वैष्णो देवी धाम में आज श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। दर्शनी ड्योढ़ी से यात्रा शुरू करने वाले भक्तों ने प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों की जमकर सराहना की।

20 वर्षों से लगातार दरबार आ रहे एक श्रद्धालु ने बताया कि इस बार की व्यवस्थाएं अभूतपूर्व हैं जिससे लंबी कतारों के बावजूद भक्तों को सुगमता से दर्शन प्राप्त हो रहे हैं।

दिल्ली के झंडेवालान में विशेष अनुष्ठान

राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक झंडेवालान मंदिर में सुबह की आरती के साथ ही माता के भक्तों का जमावड़ा लग गया। मंदिर के पुजारी अंबिका प्रसाद पंत ने बताया कि आज सप्तमी के दिन मां कालरात्रि का आह्वान किया जा रहा है।

मान्यता है कि मां का यह स्वरूप भक्तों के अज्ञान और अंधकार को मिटाकर उन्हें अभय प्रदान करता है।

पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी के दर पर हाजिरी

उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित प्राचीन चामुंडा देवी मंदिर में आस्था का अनूठा दृश्य देखने को मिला। महंत मुरली सिंह के अनुसार इस मंदिर का ऐतिहासिक महत्व सम्राट पृथ्वीराज चौहान के काल से जुड़ा है।

माना जाता है कि चामुंडा देवी उनकी कुलदेवी थीं। आज यहां विशेष काली पूजा का आयोजन किया गया जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज के इलाकों से लोग पहुंचे।

महाकाल और मध्य प्रदेश के मंदिरों में अलौकिक श्रृंगार

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दिन की शुरुआत भस्म आरती के साथ हुई। यहां माता रानी का पंचामृत अभिषेक और फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। वहीं राज्य के अन्य शक्तिपीठों पर माता को स्वर्ण आभूषणों से लाद दिया गया। मुख्य पुजारी पवन दाऊ जी महाराज के नेतृत्व में विशेष सप्तमी पूजन संपन्न हुआ जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति दी।

आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। आज के दिन नीले और नारंगी रंग के वस्त्र धारण करना सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है।

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