महंगाई का नया झटका: 10 दिनों में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए अपने शहर का नया रेट
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शनिवार को एक बार फिर भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। 10 दिनों में तीसरी बार तेल के दाम बढ़े हैं, जिससे दिल्ली और मुंबई समेत कई शहरों में ईंधन और महंगा हो गया है।

- आम जनता पर चौतरफा मार, शनिवार सुबह फिर महंगे हुए पेट्रोल और डीजल के दाम
- दिल्ली में पेट्रोल 100 रुपये के बिल्कुल करीब, मुंबई और कोलकाता में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर
- मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव का असर, 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा कच्चा तेल
- सरकार का दावा: वैश्विक संकट के बावजूद भारत के पास ईंधन का पर्याप्त स्टॉक, नहीं होगी कोई कमी
Petrol Diesel Price Hike: आम आदमी की रसोई से लेकर उसकी गाड़ी की टंकी तक, महंगाई का बोझ एक बार फिर बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे लगातार उतार-चढ़ाव का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है।
शनिवार को देश के तमाम बड़े महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब तेल कंपनियों ने दामों में इजाफा किया है, जिससे आम आदमी का बजट पूरी तरह चरमरा गया है।
सुबह-सुबह जब लोग अपनी गाड़ियों में ईंधन भराने पहुंचे, तो पेट्रोल पंपों पर बदले हुए रेट देखकर उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं।
रोजमर्रा की कमाई का एक बड़ा हिस्सा अब सिर्फ आने-जाने के भाड़े और तेल में ही खर्च हो रहा है, जिससे मध्यवर्गीय परिवारों में भारी निराशा है।
दिल्ली से मुंबई तक… चारों महानगरों का हाल
देश की राजधानी दिल्ली सहित सभी प्रमुख शहरों में आज से नए रेट लागू हो गए हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आए इस ताजा उछाल के बाद चारों महानगरों की स्थिति कुछ इस तरह है:
देश की राजधानी दिल्ली: यहां पेट्रोल के दाम में 87 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद अब यह 99.51 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है, यानी शतक से महज कुछ पैसे दूर। वहीं डीजल भी 91 पैसे महंगा होकर 92.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
आर्थिक राजधानी मुंबई: मुंबई में पेट्रोल पर 90 पैसे की मार पड़ी है, जिससे नई कीमत 108.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 94 पैसे महंगा होकर 95.02 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है।
कोलकाता और चेन्नई: कोलकाता में पेट्रोल के दाम 94 पैसे बढ़कर 110.64 रुपये और डीजल 95 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 97.02 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे की तेजी के साथ 105.31 रुपये और डीजल 87 पैसे बढ़कर 96.98 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।
इस हफ्ते की शुरुआत में यानी मंगलवार को भी दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये और डीजल 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये हुआ था।
इसके अलावा 15 मई को सरकार ने पूरे देश में एकमुश्त 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद जयपुर जैसे शहरों में भी पेट्रोल 108.91 रुपये और डीजल 94.15 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया था।
खाड़ी देशों के तनाव ने बिगाड़ा खेल
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार बताई जा रही हैं। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता टकराव अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए सिरदर्द बन चुका है।
वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे मुख्य रास्ता कहे जाने वाले ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में पैदा हुई बाधाओं के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है।
हालांकि, इन सबके बीच राहत की बात यह है कि भारत सरकार ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत के पास ईंधन का पर्याप्त रिजर्व मौजूद है और देश में ऊर्जा आपूर्ति की कोई किल्लत या कमी नहीं होने दी जाएगी।
लेकिन आपूर्ति चाहे जितनी दुरुस्त हो, अंतरराष्ट्रीय बाजार की यह तपिश भारतीय उपभोक्ताओं को हर सुबह पेट्रोल पंप पर महसूस हो रही है।

