Gold Silver Price Crash: सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट, 43 साल का रिकॉर्ड टूटा, जानें अब क्या करें निवेशक?
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच सोने और चांदी के भाव में आज भारी तबाही देखी गई है। MCX पर सोना ₹15,000 तक सस्ता हुआ तो चांदी ₹27,000 से ज्यादा टूट गई। 1983 के बाद की इस सबसे बड़ी गिरावट ने निवेशकों को हिला कर रख दिया है। जानिए क्या यह सोना खरीदने का सही समय है या अभी और आएगी गिरावट?
Gold Silver Price Crash: ग्लोबल इकोनॉमी के लिए आज का दिन किसी डरावने सपने से कम नहीं रहा। मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गहराते युद्ध के बाद जहां कच्चे तेल की आग भड़की हुई है, वहीं सुरक्षित निवेश माना जाने वाला सोना आज ताश के पत्तों की तरह ढह गया। सोमवार, 23 मार्च को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में जो सुनामी आई है, उसने पिछले 4 दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोहराम: 1983 की यादें ताजा
वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड की कीमतों में 2% की सीधी गिरावट देखी गई, जिससे भाव लुढ़ककर 4,352 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गए। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के लिए यह साल 1983 के बाद का सबसे खराब हफ्ता साबित हुआ है। आमतौर पर युद्ध की स्थिति में सोना चमकता है, लेकिन इस बार 'ट्रिपल थ्रेट' (डॉलर की मजबूती, बढ़ती यील्ड और मार्जिन कॉल की भरपाई के लिए बिकवाली) ने सोने की कमर तोड़ दी है।
MCX पर हाहाकार: एक ही दिन में ₹14,800 से ज्यादा सस्ता हुआ सोना
भारतीय वायदा बाजार (MCX) में आज वह मंजर दिखा जिसकी कल्पना शायद ही किसी निवेशक ने की होगी। गोल्ड फ्यूचर्स में 10.31% की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। सोना अपने ऊंचे स्तरों से टूटकर ₹1,29,595 प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे लो पर आ गया। यानी महज कुछ घंटों में निवेशकों के प्रति 10 ग्राम पर ₹14,897 साफ हो गए।
चांदी की स्थिति तो और भी भयावह रही। MCX पर सिल्वर फ्यूचर्स 11.96% यानी ₹27,129 की भारी कमजोरी के साथ ₹1,99,643 प्रति किलो के नीचे गोता लगा गई। जनवरी के अपने रिकॉर्ड हाई (₹4,20,000) से तुलना करें तो चांदी अब तक 52% से ज्यादा टूट चुकी है, जो कि एक बड़ी 'क्रैश' की श्रेणी में आता है।
क्या है इस बड़ी गिरावट के पीछे का असली गणित?
बाजार के दिग्गजों का कहना है कि यह गिरावट सिर्फ युद्ध के डर से नहीं, बल्कि आर्थिक समीकरणों के बदलने से हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के 24वें दिन जहां कच्चा तेल 110 डॉलर के पार है, वहीं निवेशक अब महंगाई और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से डर रहे हैं।
एक्सिस सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट देव्या गगलानी के अनुसार, "बाजार अब लंबे समय तक सैन्य मौजूदगी के आर्थिक असर को भांप रहा है। अक्टूबर तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 50% संभावना ने सोने पर दबाव बढ़ा दिया है। साथ ही, दूसरे एसेट क्लास (जैसे शेयर बाजार) में हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए बड़े निवेशक अपना सोना बेच रहे हैं।"
एक्सपर्ट की राय: क्या अभी और गिरेगा सोना?
एसएस वेल्थस्ट्रीट की सुगंधा सचदेवा ने आगाह किया है कि ₹1,35,000 का महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल टूटने के बाद अब अगला बड़ा स्टॉपेज ₹1,27,000 के आसपास दिख रहा है। तकनीकी चार्ट पर सोना अपने 60-सप्ताह के EMA (Exponential Moving Average) से नीचे चला गया है, जो इस बात का संकेत है कि 2025 से चली आ रही तेजी अब खत्म हो सकती है।
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