दलित IPS पूरन कुमार के सुसाइड केस में जन आंदोलन, AAP ने हरियाणा सरकार पर बोला हमला

हरियाणा के वरिष्ठ दलित IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की खुदकुशी ने राजनीतिक-सामाजिक भूचाल मचा दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मामले में हरियाणा सरकार की चुप्पी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और पूरे पंजाब में जन आंदोलन कर न्याय की गारंटी देने का ऐलान किया है। यह संघर्ष सिर्फ एक अधिकारी की मौत का नहीं, बल्कि जातिगत भेदभाव और सिस्टम की विफलता के खिलाफ एक जंग बन चुका है, जो बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के न्याय और समानता के चिंतन से प्रेरित है।

दलित IPS अधिकारी की मौत पर फैलता आक्रोश

आईपीएस वाई पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को अपने चंडीगढ़ स्थित घर में सुसाइड नोट सहित आत्महत्या की। 8 पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने 16 वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए। उनकी पत्नी, आईएएस अमनीत कुमार ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सस्पेंशन की मांग की है। प्रशासन की धीमी प्रतिक्रिया से परिवार और दलित समुदाय में रोष भड़क उठा है।

AAP का न्याय के लिए जन आंदोलन

AAP ने पूरे पंजाब में कैंडल मार्च और जन आंदोलनों की तैयारी शुरू कर दी है। अमृतसर, जालंधर, पटियाला और चंडीगढ़ में पार्टी के मंत्री और विधायक नेतृत्व करेंगे। आंदोलन का मकसद न्याय के साथ-साथ दलित समाज की गरिमा और समानता की रक्षा करना है। AAP का कहना है कि पूरन कुमार की मौत एक अकेले मामले से बढ़कर दलित अधिकारों की लड़ाई है।

हरियाणा सरकार की चुप्पी पर सवाल

हरियाणा बीजेपी सरकार की वजह से मामले की जांच और न्याय प्रक्रिया टल रही है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे आरोपों के बावजूद कार्रवाई में सुस्ती ने जनता का गुस्सा और बढ़ा दिया है। AAP ने सरकार से 5 बड़े सवाल उठाए हैं, जिनमें निष्पक्ष जांच, पोस्टमार्टम में देरी, और दलित अधिकारी के सम्मान की सुरक्षा प्रमुख हैं।

अंबेडकर विचारधारा से जुड़ा आंदोलन

AAP ने इस आंदोलन को डॉ. भीमराव अंबेडकर के समानता और न्याय के विचारों से जोड़ा है। दलित IPS अधिकारी पूरन कुमार की मौत को दलित समाज की लड़ाई माना जा रहा है, जिसे पंजाब की जनता और दलित संगठनों ने राजनीतिक और सामाजिक चेतना का मुहावरा दिया है।

निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग जारी

परिवार ने पोस्टमार्टम में देरी और अन्यायपूर्ण व्यवहार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हरियाणा में रोहतक एसपी का तबादला हुआ है लेकिन मामले की गहराई से जांच अभी भी बाकी है। AAP का जोर है कि न्याय मिलने तक यह संघर्ष तेज होगा और दलित समाज की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

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Saloni Yadav

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