खेती में ‘नोटों की बारिश’ का नया फॉर्मूला: जींद के किसानों को मिला खास मंत्र, अब गेहूं-धान के चक्रव्यूह से मिलेगी मुक्ति

जींद के सफीदों में 600 किसानों ने सीखा फसल विविधीकरण का मंत्र। गेहूं-धान के बजाय बागवानी और पशुपालन से आय बढ़ाने पर जोर। विशेषज्ञों ने बढ़ते तापमान से फसल बचाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों और सरकारी सब्सिडी की विस्तृत जानकारी दी।

सफीदों (जींद): हरियाणा के खेतों में अब सिर्फ पारंपरिक फसलों की खुशबू नहीं, बल्कि बदलाव की नई लहर दौड़ने वाली है। जींद के सफीदों स्थित नई अनाज मंडी में मंगलवार का सूरज एक नई उम्मीद लेकर आया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में जुटी 600 किसानों की भीड़ इस बात की गवाह बनी कि अब अन्नदाता लकीर का फकीर बने रहने को तैयार नहीं है।

अक्सर देखा जाता है कि किसान केवल गेहूं और धान के चक्र में फंसकर अपनी जमीन की उर्वरता और जेब की सेहत, दोनों बिगाड़ लेते हैं। इसी ‘चक्रव्यूह’ को तोड़ने के लिए विशेषज्ञों ने किसानों को फसल विविधीकरण (Crop Diversification) का वो मूलमंत्र दिया, जो उनकी आय को दोगुना करने की कुवत रखता है।

सब्जी और फलों में छिपी है समृद्धि

बागवानी विभाग के एचडीओ अभिषेक ने साफ शब्दों में कहा कि पारंपरिक खेती के मुकाबले बागवानी में जोखिम कम और मुनाफा ज्यादा है। उन्होंने किसानों को समझाया कि कैसे सब्जियों, फलों और फूलों की खेती के जरिए कम जमीन से भी मोटी कमाई की जा सकती है।

“सरकार की अनुदान योजनाएं अब सीधे किसानों के खाते तक पहुंच रही हैं। बस जरूरत है सही जानकारी और सही तकनीक को अपनाने की।”

बदलता मौसम और वैज्ञानिकों की चेतावनी

न्यूज रूम एनालिसिस के मुताबिक, उत्तर भारत में तेजी से बढ़ते तापमान ने रबी की फसलों के लिए चुनौती पैदा कर दी है। शिविर में वैज्ञानिकों ने आगाह किया कि अगर समय रहते कीट प्रबंधन और संतुलित उर्वरकों का इस्तेमाल नहीं किया गया, तो फसल की लागत भी निकालना मुश्किल हो जाएगा। विशेषज्ञों ने Integrated Pest Management (IPM) पर जोर देते हुए किसानों को सिंचाई के आधुनिक तौर-तरीकों के बारे में बारीकी से समझाया।

खेती के साथ ‘साइड बिजनेस’ का दम

इस वर्कशॉप का एक और दिलचस्प पहलू पशुपालन रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि खेती में अगर कभी मौसम दगा दे जाए, तो डेयरी, भेड़-बकरी पालन और कुक्कुट पालन एक मजबूत ‘सुरक्षा कवच’ की तरह काम करते हैं।

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि यहाँ किसानों ने सिर्फ सुना नहीं, बल्कि विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद किया। अपनी समस्याओं पर सवाल पूछे और उनका वैज्ञानिक समाधान पाया।

News End

Click here to read more news in this category: Haryana

NFLSpice News

NFL Spice News is India's fastest growing online news website operating from Haryana's Rewari district.It was established in early 2023.News related to farmers, business, entertainment, sports world as well as politics and major news of Haryana state are also published on the portal.
फीडबैक या शिकायत के लिए: newsdesk@nflspice.com

Related Stories