ओमान में भारतीय कारोबारियों के लिए खुले ‘सोने के द्वार’, $4.5 मिलियन की बड़ी डील से शुरू हुआ नया दौर

नई दिल्ली में ओमान दूतावास द्वारा आयोजित हाई-प्रोफाइल इवेंट में भारतीय एल्युमीनियम दिग्गजों को बड़े निवेश के अवसर मिले। $4.5 मिलियन के नए MoU और 'ओमान विजन 2040' के साथ, दोनों देशों के व्यापारिक संबंध अब एक नई ऊंचाई पर हैं।

नई दिल्ली: राजधानी के डिप्लोमैटिक गलियारों में जब भारत और ओमान के व्यापारिक हित मिलते हैं, तो संभावनाएं सिर्फ सरहद तक सीमित नहीं रहतीं। नई दिल्ली स्थित ओमान दूतावास में आयोजित एक हाई-लेवल इन्वेस्टमेंट इवेंट ने यह साफ कर दिया है कि आने वाला समय भारतीय एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरर्स के लिए ‘ग्लोबल हब’ बनने का है।

इस इवेंट का मुख्य आकर्षण Multi Bond Metal LLC और Ladayn के बीच हुआ $4.5 मिलियन (करीब 37 करोड़ रुपये) का समझौता रहा। इस डील के तहत ओमान में 8,000 टन क्षमता वाली ‘कॉइल कोटिंग और लेमिनेशन लाइन’ प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह सिर्फ एक फैक्ट्री की शुरुआत नहीं, बल्कि भारतीय तकनीक और ओमानी संसाधनों के गठबंधन का प्रतीक है।

विजन 2040: सिर्फ व्यापार नहीं, भविष्य का रोडमैप

इवेंट की शुरुआत करते हुए ओमान दूतावास की मिशन उप-प्रमुख (Deputy Head of Mission) मैडम तहरा अल जदजली ने एक बेहद गर्मजोशी भरा संबोधन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘ओमान विजन 2040’ के तहत देश अपनी अर्थव्यवस्था को विविधता दे रहा है और इसमें भारत एक ‘नेचुरल पार्टनर’ है। तहरा अल जदजली ने ओमान की सामरिक स्थिति (Strategic Location) और वहां की बिजनेस-फ्रेंडली नीतियों पर जोर देते हुए भारतीय निवेशकों को रेड कार्पेट इनविटेशन दिया।

सोहार (Sohar): एल्युमीनियम का नया वैश्विक केंद्र

सम्मेलन में Ladayn, OARC, Madayn और OQ के प्रतिनिधियों ने बताया कि कैसे ओमान का ‘सोहार’ इलाका एक बड़े औद्योगिक क्लस्टर के रूप में उभर रहा है। भारतीय कंपनियों के लिए यहां निवेश करने के तीन सबसे बड़े फायदे सामने आए:

  1. लागत में कमी: प्रतिस्पर्धी ऊर्जा दरें (Energy Costs)।

  2. लॉजिस्टिक्स: ओमान के विश्वस्तरीय बंदरगाहों के जरिए यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के बाजारों तक सीधी पहुंच।

  3. कच्चा माल: उच्च गुणवत्ता वाले प्राइमरी एल्युमीनियम की प्रचुर उपलब्धता।

B2B संवाद और उभरते अवसर

इवेंट में सिर्फ भाषण नहीं हुए, बल्कि सीरियस बिजनेस टॉक दिखी। ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, पैकेजिंग, और कंस्ट्रक्शन मटेरियल जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों ने ओमानी स्टेकहोल्डर्स के साथ सीधे संवाद किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ओमान के रास्ते भारतीय कंपनियां उन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आसानी से सेंध लगा सकती हैं, जहां सीधे भारत से पहुंचना फिलहाल चुनौतीपूर्ण या महंगा है।

यह आयोजन भारत और ओमान के बीच के उन गहरे आर्थिक रिश्तों की तस्दीक करता है, जो अब केवल तेल और गैस से आगे निकलकर ‘वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग’ की ओर बढ़ रहे हैं।

News End

Click here to read more news in this category: International

NFLSpice News

NFL Spice News is India's fastest growing online news website operating from Haryana's Rewari district.It was established in early 2023.News related to farmers, business, entertainment, sports world as well as politics and major news of Haryana state are also published on the portal.
फीडबैक या शिकायत के लिए: newsdesk@nflspice.com

Related Stories