NEET री-एग्जाम से पहले एक्शन में शिक्षा मंत्री: साइबर सुरक्षा के लिए MEITY और गृह मंत्रालय आए साथ, PM मोदी खुद रख रहे नजर
NEET-UG Re-Exam 2026: 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NTA मुख्यालय का दौरा किया। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि इस बार कोई गड़बड़ी नहीं होगी और पेपर लीक करने वाले आरोपियों पर सिविल केस भी दर्ज किया जाएगा।
NEET-UG Re-Exam 2026: NEET-UG परीक्षा में कथित धांधली और विवादों के बाद अब सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। आगामी 21 जून को होने जा रही नीट री-एग्जामिनेशन (NEET-UG Re-examination) को पूरी तरह पारदर्शी और बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए खुद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मोर्चा संभाल लिया है।
मंगलवार को शिक्षा मंत्री ने अचानक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्यालय का दौरा किया और तैयारियों की हाई-लेवल समीक्षा की।
NEET पेपर लीक में जिन दोषियों को पकड़ा गया है, उनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, दंड दिया जाए.
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) June 9, 2026
- धर्मेंद्र प्रधान pic.twitter.com/Bnf4ILh7LE
मुख्यालय का जायजा लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया कि पिछली गलतियों से सबक लिया जा चुका है।
"इस बार हमने प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने वाले हर विभाग की गोपनीयता और सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं ताकि देश के बच्चों का भरोसा सिस्टम पर बहाल हो सके।" — धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री
पेपर लीक करने वाले 'विश्वासघातियों' पर दर्ज होगा सिविल लायबिलिटी
समीक्षा बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक मामले में शामिल आरोपियों और गिरफ्तार किए गए पेपर सेटर्स पर कड़ा गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने साफ कहा कि जिन लोगों ने सरकार के साथ एग्रीमेंट किया था उन्होंने भरोसा और कमिटमेंट दोनों तोड़ा है।
मंत्रालय ने अपराधियों के खिलाफ बनाई ये रणनीति:
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फास्ट-ट्रैक कोर्ट: शिक्षा मंत्री ने मांग की है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई चलाकर ऐसी सजा दी जाए जो मिसाल बने।
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सिविल केस की तैयारी: NTA को कानूनी सलाह लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि इन धोखेबाज पेपर सेटर्स के खिलाफ आपराधिक मामलों के साथ-साथ सिविल लायबिलिटी (आर्थिक और कानूनी हर्जाना) का केस भी ठोका जा सके।
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CBI जांच जारी: पूरे मामले की कमान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथों में है जो यह पता लगा रही है कि गड़बड़ी कहां और किस स्तर पर हुई।
साइबर थ्रेट से निपटने के लिए MEITY और गृह मंत्रालय ने मिलाया हाथ
इस बार परीक्षा को फुलप्रूफ बनाने के लिए देश के 551 शहरों में सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया जा रहा है, जिसे भेदना नामुमकिन होगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि NTA के ढांचे को मजबूत करने के लिए नए अधिकारियों की एंट्री कराई गई है।
इसके अलावा किसी भी तरह के डिजिटल या साइबर चैलेंज (Cyber Challenges) से निपटने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) और गृह मंत्रालय को एक साथ मंच पर लाया गया है।
कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन के नेतृत्व में संबंधित विभागों के सचिवों की एक उच्च स्तरीय बैठक हो चुकी है। जल्द ही केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी इस सुरक्षा तंत्र को अंतिम रूप देने के लिए एक बड़ी मीटिंग करने वाले हैं।
शिक्षा मंत्री ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर विशेष सहयोग मांगा है जिसके बाद कई राज्यों के सीएम ने अपने-अपने कलेक्टर्स और एसपी (SP) के साथ बैठकें की हैं। आखिर में छात्रों को ढांढस बंधाते हुए मंत्री ने कहा कि परीक्षा पूरी शुचिता के साथ होगी और रिजल्ट भी समय पर घोषित किए जाएंगे ताकि किसी भी छात्र का शैक्षणिक सत्र खराब न हो।
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