IND vs SA Super 8: अहमदाबाद में महामुकाबला, भारत के ‘मोर्ने’ बनाम दक्षिण अफ्रीका के ‘एल्बी’; एक ही घर के दो चिराग, अब आमने-सामने!
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भारत और साउथ अफ्रीका की भिड़ंत से ज्यादा चर्चा मोर्केल भाइयों की है। मोर्ने भारत को जिताने की रणनीति बना रहे हैं, तो बड़े भाई एल्बी अपनी टीम के लिए ढाल बने हैं। जानिए इस 'भाई बनाम भाई' की दिलचस्प जंग की पूरी इनसाइड स्टोरी।
- मैदान पर भारत-दक्षिण अफ्रीका, डगआउट में मोर्केल बंधुओं की टक्कर
- भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल और साउथ अफ्रीकी सलाहकार एल्बी आमने-सामने
- अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में सुपर-8 का हाई-वोल्टेज मुकाबला
- बेटों की इस भिड़ंत से मां की बढ़ी मुश्किल, किसे मिले जीत का आशीर्वाद?
अहमदाबाद। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 स्टेज में रविवार को जब भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच पर उतरेंगी, तो माहौल सिर्फ दो देशों की जंग जैसा नहीं होगा। दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में इस बार मुकाबला रणनीति बनाम भावना का भी है। डगआउट में बैठी दो शख्सियतें – मोर्ने मोर्केल और एल्बी मोर्केल – इस मैच को एक अनोखा ‘फैमिली ड्रामा’ बना रही हैं, जहां खून के रिश्ते पर पेशेवर फर्ज भारी पड़ता दिख रहा है।
डगआउट में ‘मोर्केल वर्सेस मोर्केल’ का सस्पेंस
मैदान पर रोहित शर्मा और एडेन मार्कराम की सेना टकराएगी, लेकिन असली शतरंज की चालें बाउंड्री के बाहर चली जा रही हैं। भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल अब नीली जर्सी के रणनीतिकार हैं। गौतम गंभीर के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार मोर्ने ने अपने करियर में 500 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विकेट चटकाए हैं और वह बखूबी जानते हैं कि प्रोटियाज बल्लेबाजों के पैर कहाँ डगमगाते हैं।
दूसरी तरफ, उनके बड़े भाई एल्बी मोर्केल दक्षिण अफ्रीकी टीम के स्पेशलिस्ट कंसल्टेंट के तौर पर तैनात हैं। एल्बी का भारत से गहरा नाता रहा है; वह आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के दिग्गज रहे हैं और भारतीय पिचों के मिजाज को अपनी जेब में रखते हैं।
अभिषेक को गुरुमंत्र और बुमराह का घातक प्लान
सूत्रों की मानें तो मोर्ने मोर्केल ने जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर साउथ अफ्रीकी टॉप ऑर्डर को ध्वस्त करने के लिए एक खास ‘डेथ लेंथ’ तैयार की है। नेट प्रैक्टिस के दौरान मोर्ने को युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के साथ भी काफी समय बिताते देखा गया, ताकि वह ऑफ-साइड के जाल से निकलकर विपक्षी स्पिनर्स पर हावी हो सकें।
वहीं, एल्बी मोर्केल का फोकस केशव महाराज और जॉर्ज लिंडे जैसे स्पिनर्स पर है। वह भारतीय मिडिल ऑर्डर के बाएं हाथ के बल्लेबाजों (ऋषभ पंत और अक्षर पटेल) को रोकने के लिए ‘एंगल अटैक’ की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
‘बेचारी मां…’ किसे मिले जीत की दुआ?
इस पेशेवर जंग के बीच एक इमोशनल एंगल भी है। एल्बी मोर्केल ने मुस्कुराते हुए इस टकराव पर एक दिलचस्प खुलासा किया। उन्होंने कहा, “हम दोनों मैच को लेकर फोन पर बात नहीं कर रहे हैं। घर में सबसे ज्यादा तनाव हमारी मां को है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह अपने छोटे बेटे (मोर्ने) की टीम इंडिया के लिए दुआ करें या बड़े बेटे की मातृभूमि (साउथ अफ्रीका) के लिए।”
अहमदाबाद की काली मिट्टी वाली पिच पर रविवार को यह देखना रोमांचक होगा कि ‘मोर्केल फैक्टर’ किस टीम का पलड़ा भारी करता है। क्या मोर्ने अपने घर की कमजोरियां भारत को बताकर जीत दिलाएंगे, या एल्बी का आईपीएल अनुभव साउथ अफ्रीका को सुपर-8 में बढ़त दिलाएगा? फैसला कुछ ही घंटों में होगा।



