ये टेक्नोलॉजी बदलेगी किसानों की तक़दीर, लाखों में होगी कमाई, देखें

Written by Subham Morya

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भारतीय कृषि क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। कृषि कार्यों में नई-नई टेक्नोलॉजी का प्रवेश खेत से लेकर बाजार तक कृषि उत्पादों के बेहतर उत्पादन, प्रबंधन एवं नियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज जब टेक्नोलॉजी हर क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बन गई है तो भला कृषि क्षेत्र टेक्नोलॉजी से अछूता कैसे रह सकता है ? भारतीय कृषि क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी बड़े बदलाव का सामर्थ रखती है।

ऑटोमेटिक कृषि यंत्र

स्वचालित कृषि उपकरणों का प्रयोग करके किसान अपना समय भी बचा सकते हैं, श्रम व्यय में कटौती भी कर सकते हैं और कार्य करने की क्षमता को  बढ़ा सकते हैं। ड्रोन जैसे  स्वचालित उपकरणों के प्रयोग से कृषि क्षेत्र में श्रम से संबंधित समस्या का समाधान हो रहा है। यह मसीने बिना थके बिना रुके अधिक समय तक कार्य कर सकती है। श्रम कार्यों में यह यंत्र बिना रुके काम करने और विराम करने की आवश्यकता को को खत्म करके कृषि उत्पादकता को बढ़ाने में मदद करता है।

बायोटेक्नोलॉजी

बायोटेक्नोलॉजी के प्रयोग से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया जा सकता है। बायोटेक्नोलॉजी का प्रयोग कृषि फसलों की कमियों में सुधार करने के लिए किया जाता है।

हालांकि बायोटेक्नोलॉजी के प्रयोग से मनुष्य के स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं भी है। लेकिन कृषि भूमि के घटते क्षेत्रफल के बीच बायोटेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना और बड़ी जनसंख्या के बीच खाद्य सुरक्षा और व्यक्ति  पोषणीय आवश्यकताओं की पूर्ति तथा इसमें नित नए अनुसंधान करना आज के मानव की आवश्यकता बन गया है। बायोटेक्नोलॉजी की अंतर्गत एक फसल के पोषणीय मान में वृद्धि कीट प्रतिरोधी, सुखा सहिष्णु जैसे बदलाव किए जा सकते हैं।

पुनर्योजी कृषि

“ पुनर्योजी कृषि “ खेती का एक ऐसा तरीका है जिसमें सिर्फ फसल उगाने पर ध्यान नहीं दिया जाता बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाता है। यह प्रणाली फसले उगाने और मिट्टी के पोषक तत्व का उपयोग करने की बजाय, पुनर्योजी कृषि मिट्टी को बेहतर और उपजाऊ बनाने का प्रयास करती है। यह वह तरीका है जो समय के साथ भूमि को स्वस्थ बनाने में मदद करती है। फसल को काटने के बाद हरी खाद का प्रयोग करना, मृदा क्षरण को रोकने के लिए वनस्पति की परत बिछाना। ऐसे ही ढेर सारे उपाय किए जाते हैं।

ड्रोन (Drone)

ड्रोन को आप रोबोट से बना एक उड़ता हुआ पक्षी भी कह सकते हैं जो आसमान में उड़कर खेत के  प्रत्येक भाग की निगरानी करता है। यह प्रत्येक स्थान की सटीक तस्वीर ले सकता है जिसके कारण किसान को पौधे की स्वास्थ्य और बीमार रहने की जानकारी सही समय पर प्राप्त होती रहती है। यह किसानो की फसलों और उनके भूमि की देखभाल करने मे सहायता करता है । यह उड़ने वाली मशीन ऊपर से सटीक तस्वीर ले सकता है और किसानों को उनके खेतों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है। यह ड्रोन खेतों में बीज और रासायनिक उर्वरको का छिड़काव भी कर सकता है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी

आजकल कृषि क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति प्रबंधन जैसी प्रणाली में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह टेक्नोलॉजी आपूर्ति श्रृंखला में विचौलियों के प्रभाव को कम करती है जिसके परिणाम स्वरुप किसानो की आय बढ़ती है तथा उपभोक्ता को कृषि उत्पादन कम कीमत पर प्राप्त होता है। इस टेक्नोलॉजी के अंतर्गत कृषि उत्पादों को खेत से लेकर बाजार तक आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। उपभोक्ता को कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और उसके उगाने के तरीके को लेकर पारदर्शी जानकारी प्राप्त होती है।

Subham Morya

मैं शुभम मौर्या पिछले 2 सालों से न्यूज़ कंटेंट लेखन कार्य से जुड़ा हुआ हूँ। मैं nflspice.com के साथ में मई 2023 से जुड़ा हुआ हूँ और लगातार अपनी न्यूज़ लेखन का कार्य आप सबसे के लिए कर रहा हूँ। न्यूज़ लेखन एक कला है और सबसे बड़ी बात की न्यूज़ को सही ढंग से समझाना ही सबसे बड़ी कला मानी जाती है और इसी कोशिश में इसको लगातार निखारने का प्रयास कर रहा हूँ।

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