जंगली जानवर फसल को खा जाते है – फ्री वाला ये उपाय करो, जानवर खेत के पास भी नहीं फटकेंगे

Written by Kavita Yadav

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Farmers Tips – किसान भाई अपनी फसलों को बड़ी म्हणत के साथ उगाते है और अपने परिवार की तरफ उसकी देखभाल करते है लेकिन दुःख तब होता है जब किसानो की सारी मेहनत पर जंगली जानवर जैसे नील गाय है या फिर कोई और दूसरे घुमन्तु जानवर सफाचट कर जाते है। इसलिए किसान भाइयों को इसका उपाय करना बहुत जरुरी हो जाता है।

बहुत से किसान इससे बचने के लिए खेत की तारबंदी करते है लेकिन तारबंदी में एक तो खर्चा बहुत आता है इसलिए सभी किसान भाई इस खर्चे को वहन नहीं कर सकते। दूसरा अगर कोई जानवर तारों को पार करके एक बार खेत में घूस गया तो फिर आपकी पूरी फसल को बर्बाद कर देता है फिर उसको भगाने से भी कोई लाभ नहीं होने वाला। और ऐसा लगभग सभी किसानो के साथ हो ही जाता है।

इसलिए इस समस्या के निवारण के लिए आप सबके लिए एक बेहतरीन तरीका हम इस आर्टिकल में लेकर आये है जो थोड़ा मुश्किल लग सकता है और कठिन भी लग सकता है लेकिन आवारा पशुओं को भगाने का रामबाण इलाज है। इसकी मदद से आगे से आवारा पशु आपके खेत में आ भी गए तो आपकी फसल को मुँह नहीं लगाएंगे।

आवारा पशुओं से फसल को बचने का उपाय

किसान भाइयों को सबसे पहले हम बता दें की आपको बहुत सारी नीम की पत्तियां लेनी है और उनको मिक्सी में बारिश पीस कर उनका जूस बना लेना है। इसके साथ में गोबर लेना है और उस गोबर को पानी में घुल कर उसको अच्छे से छान लेना है ताकि उसमे केवल पानी बचे और बाकि की चीजें या फिर गोबर के अवशेष बाहर निकल जाये।

अब आपको नीम के रस का घोल और गोबर का घोल दोनों को मिक्स कर लेना है और इसके बाद अपनी फसल की पत्तियों के ऊपर इसका हलके से छिड़काव करना है। आप चाहे तो अपनी फसल के किनारों पर इसका छिड़काव भी कर सकतेह है। ऐसा करने से जब भी कोई नील गाय या फिर कोई आवारा पशु आपके खेत में आएगा तो जिस भी पौधे की पट्टी वो खाने की कोशिश करेगा उसी में उसको गोबर की गंध आएगी और वो आपकी फसल को नहीं खायेगा।

दूसरा आपने जो नीम की पत्तियों का रस निकलकर इस घोल में मिलाया था वो अपनी फसल को कीड़ों और दूसरे कीट पतंगों से बचाव करने में मदद करेगा जिससे आपकी पैदावार में इजाफा होगा। इसलिए किसान भाइयों को इस घोल का छिड़काव अपनी फसल में जरूर करना चाहिए।

नील गाय अक्सर एक बार जिस भी खेत में खाने आती है तो वो फिर उस खेत में रोजाना उसी समय पर आने लगती है। नील गाय का सवभाव ही ऐसा होता है की वो एक ही जगह को निश्चित कर लेते है और फिर उसी जगह पर रोजाना चरने आते है। ऐसे में आप इस घोल की मदद से नील गाय से अपनी फसल का बचाव आसानी से कर पाएंगे।

अगर आपको लगता है की आपकी फसल में सबसे ज्यादा नील गाय नुकसान करती है तो आपको नील गाय के गोबर को एकत्रित करके उसका घोल तैयार करना है जिससे नील गाय आपके खेत के पास भी अभी नहीं फटकेगी।

Kavita Yadav

कविता यादव एन एफ एल स्पाइस वेबसाइट पर गैस्ट के रूप में आर्टिकल लिखती है। हालांकि इनके आर्टिकल आपको कभी कभी पढ़ने को मिलते है क्योंकि ये किसी दूसरी न्यूज़ एजेंसी के साथ में काम करती है। शानवी वेब मीडिया के साथ में इनको काम करना अच्छा लगता है इसलिए कभी कभी एन एफ एल स्पाइस पर अपने लिखने की कला की छाप छोड़ देती है।

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