चंडीगढ़। NFLSpice News: हरियाणा में गिरते भूजल स्तर को बचाने और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने धान की सीधी रोपाई (Direct Seeding of Rice - DSR) योजना को बड़े पैमाने पर विस्तार दिया है।

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प्रदेश में पहली बार महेंद्रगढ़ जिले को छोड़कर सभी 22 जिलों को इस योजना के तहत कवर किया गया है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने खरीफ-2026 सीजन के लिए पूरे प्रदेश में 5 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई कराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।

अनुदान और निगरानी की व्यवस्था

सरकार की इस योजना के तहत पारंपरिक कददू विधि छोड़कर DSR तकनीक से धान बोने वाले किसानों को ₹4,500 प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

कृषि निदेशालय ने योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन और भौतिक सत्यापन की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर के 13 वरिष्ठ अधिकारियों को 22 जिलों की अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी है।

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उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में यह योजना केवल 8 जिलों से शुरू हुई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 12 जिलों तक सीमित रखा गया था, लेकिन अब इसका दायरा पूरे प्रदेश में फैला दिया गया है।

20% पानी की बचत और 10 दिन पहले पकती है फसल

कृषि विशेषज्ञों और जल वैज्ञानिकों के अनुसार, 1 एकड़ पारंपरिक धान की फसल को तैयार करने में लगभग 10 से 12 लाख लीटर पानी की खपत होती है।

सीधी बिजाई तकनीक अपनाने से न केवल 15 से 20 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है बल्कि फसल भी सामान्य से 7 से 10 दिन पहले पककर तैयार हो जाती है। इसके अलावा, खेत की जुताई और नर्सरी तैयार करने का खर्च बचने से किसानों की उत्पादन लागत में भी भारी कमी आती है।