नई दिल्ली। NFLSpice News: वैदिक ज्योतिष में छाया ग्रह राहु को अचानक परिवर्तन, भ्रम, महत्वाकांक्षा और विदेश यात्राओं का मुख्य कारक माना गया है। जब राहु देवगुरु बृहस्पति की मोक्षदायी और जल तत्व वाली राशि मीन (Pisces) में विराजमान होते हैं तो इसका प्रभाव व्यक्ति की सोच, मानसिक स्थिति, करियर और आर्थिक स्थिति पर बहुत गहरा पड़ता है। मीन राशि में राहु व्यक्ति को आध्यात्मिक, शोधप्रिय और लीक से हटकर सोचने वाला बनाता है।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लग्न (Ascendant) आपके शरीर, स्वभाव और जीवन की दिशा को दर्शाता है। आइए जानते हैं कि राहु के मीन राशि में होने से सभी 12 लग्नों पर क्या प्रभाव पड़ता है:

12 लग्नों पर मीन राशि के राहु का प्रभाव

1. मेष लग्न (Aries Ascendant):

राहु आपके 12वें भाव (द्वादश भाव) में स्थित रहेगा। यह स्थिति विदेश यात्रा, विदेशी व्यापार और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद उत्तम है। हालांकि, अस्पताल के खर्च, अनिद्रा और अनियोजित खर्च बढ़ सकते हैं। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें।

2. वृषभ लग्न (Taurus Ascendant):

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राहु आपके 11वें भाव (एकादश भाव) में रहेगा। यह राहु की सबसे शुभ स्थितियों में से एक है। अचानक धन लाभ, आय के नए स्रोत और बड़े भाई-बहनों व मित्रों से सहयोग मिलेगा। शेयर बाजार व सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को फायदा होगा।

3. मिथुन लग्न (Gemini Ascendant):

राहु आपके 10वें भाव (दशम भाव) में रहेगा। कार्यक्षेत्र में अचानक बड़ी प्रगति और पद-प्रतिष्ठा मिल सकती है। राजनीति, आईटी और मीडिया क्षेत्र से जुड़े जातकों के लिए समय शानदार रहेगा। काम के सिलसिले में व्यस्तता बढ़ेगी।

4. कर्क लग्न (Cancer Ascendant):

राहु आपके 9वें भाव (नवम भाव) में रहेगा। भाग्य में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। धर्म-कर्म और लंबी दूरी की यात्राओं के योग बनेंगे। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और किसी भी शॉर्टकट से बचें।

5. सिंह लग्न (Leo Ascendant):

राहु आपके 8वें भाव (अष्टम भाव) में रहेगा। अचानक धन हानि या अचानक धन लाभ की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य विशेष रूप से पेट और त्वचा का ध्यान रखें। गाड़ी सावधानी से चलाएं और तंत्र-मंत्र या शोध में रुचि बढ़ सकती है।

6. कन्या लग्न (Virgo Ascendant):

राहु आपके 7वें भाव (सप्तम भाव) में रहेगा। वैवाहिक जीवन और बिजनेस पार्टनरशिप में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। जीवनसाथी की सेहत का ख्याल रखें। नए व्यापारिक समझौते सोच-समझकर करें।

7. तुला लग्न (Libra Ascendant):

राहु आपके 6ठे भाव (षष्ठम भाव) में रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह समय वरदान समान है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय मिलेगी और शत्रुओं पर दबदबा रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें।

8. वृश्चिक लग्न (Scorpio Ascendant):

राहु आपके 5वें भाव (पंचम भाव) में रहेगा। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां हो सकती हैं। छात्रों को पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई आ सकती है। शेयर मार्केट या सट्टेबाजी में सोच-समझकर ही निवेश करें।

9. धनु लग्न (Sagittarius Ascendant):

राहु आपके 4थे भाव (चतुर्थ भाव) में रहेगा। पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकता है। माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। संपत्ति या वाहन खरीदते समय कागजात की अच्छी तरह जांच करें।

10. मकर लग्न (Capricorn Ascendant):

राहु आपके 3रे भाव (तृतीय भाव) में रहेगा। आपका पराक्रम और आत्मविश्वास बढ़ेगा। छोटी यात्राएं फलदायी होंगी। मीडिया, राइटिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र से जुड़े लोगों को बेहतरीन सफलता मिलेगी।

11. कुंभ लग्न (Aquarius Ascendant):

राहु आपके 2रे भाव (द्वितीय भाव) में रहेगा। वाणी में तीखापन आ सकता है, इसलिए बोलते समय संयम रखें। कुटुंब में मतभेद से बचें। खान-पान पर ध्यान दें और अनावश्यक धन खर्च पर नियंत्रण रखें।

12. मीन लग्न (Pisces Ascendant):

राहु आपके 1ले भाव (प्रथम भाव/लग्न) में ही स्थित रहेगा। इससे आपमें गजब का भ्रम और मानसिक चंचलता रह सकती है। आप लीक से हटकर निर्णय लेंगे। योग, ध्यान और अध्यात्म से जुड़ने पर मानसिक शांति मिलेगी।

राहु के अशुभ प्रभाव कम करने के अचूक उपाय

  1. महामृत्युंजय या शिव जी की पूजा: प्रतिदिन या सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।

  2. राहु मंत्र: प्रतिदिन शाम के समय "ॐ रां राहवे नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।

  3. दान कार्य: शनिवार के दिन काले तिल, उड़द की दाल या नीले कपड़े का दान जरूरतमंदों को करें।

  4. भैरव उपासना: रविवार या शनिवार को काल भैरव मंदिर में दर्शन करने से राहु जनित कष्टों में राहत मिलती है।