पंचकूला। NFLSpice News: हरियाणा के सरकारी विभागों में कार्यरत लिपिकीय कैडर (Clerical Cadre) के वेतन पुनरीक्षण और अतिरिक्त इंक्रीमेंट (Additional Increments) को लेकर लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति को वित्त विभाग ने स्पष्ट कर दिया है।

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वित्त विभाग की ओर से प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए स्पष्टीकरण पत्र के बाद प्रदेश के हजारों क्लर्कों का पे-फिक्सेशन (Pay Fixation) का रास्ता साफ हो गया है।

क्या है वेतन निर्धारण (Pay Fixation) का गणित?

वित्त विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार लिपिकीय कैडर के कर्मचारियों को उनकी जॉइनिंग बैच और सेवा अवधि के आधार पर निम्नलिखित लाभ दिए जाएंगे:

कर्मचारी वर्ग (Category) स्वीकृत इंक्रीमेंट (Increments Granted) पे-लेवल स्थिति (Pay Structure)
वरिष्ठ क्लर्क (2020 बैच से पूर्व) 3 अतिरिक्त इंक्रीमेंट मौजूदा FPL / ACP लेवल के आधार पर री-फिक्स
वर्ष 2020 बैच के क्लर्क 2 अतिरिक्त इंक्रीमेंट HCS (Pay) Rules 2016 के तहत समायोजन
27 वर्ष या अधिक सेवा वाले नियमानुसार पूर्व लाभ समायोजित अतिरिक्त इंक्रीमेंट के साथ सेट-ऑफ

क्यों जारी करना पड़ा वित्त विभाग को स्पष्टीकरण?

'क्लैरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी' (Clerical Association Welfare Society) द्वारा पूर्व में जारी 08 फरवरी 2024 और 30 जून 2026 के आदेशों की व्याख्या को लेकर सवाल उठाए गए थे।

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  1. असमंजस का कारण: कई आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDOs) द्वारा एसईटीसी (SETC) टेस्ट पास करने, प्रोबेशन अवधि और एसीपी (ACP) लाभ देने में अलग-अलग नियम अपनाए जा रहे थे।

  2. विभागीय स्पष्टता: अब स्पष्ट किया गया है कि जो क्लर्क 2020 से पूर्व भर्ती हुए हैं, उन्हें 3 अतिरिक्त इंक्रीमेंट देकर उनका वेतन HCS (Pay) Rules 2016 के तहत निर्धारित किया जाएगा।

  3. 27 साल की सेवा की शर्त हटी: 27 साल की सेवा पूरी करने पर मिलने वाले एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट के पुराने प्रावधान को हटाकर (Delete) अब 3 इंक्रीमेंट वाले लाभ में ही एडजस्ट कर दिया गया है।

वित्त विभाग के इस आदेश से पंचकूला, चंडीगढ़ समेत पूरे प्रदेश के विभिन्न विभागाध्यक्षों के दफ्तरों में लंबित पड़े क्लर्कों के पे-फिक्सेशन मामलों का जल्द से जल्द निपटारा हो सकेगा।