सोनीपत। NFLSpice News: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर फूट पड़ा है। सोनीपत के गोहाना क्षेत्र अंतर्गत गांव रूखी चौक पर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) और विभिन्न किसान संगठनों के बैनर तले जुटे सैकड़ों किसानों ने रोहतक-पानीपत हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की अचानक हुई गिरफ्तारी पर कड़ा रोष व्यक्त किया। हाईवे बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फ्री ट्रेड डील को बताया किसानों के लिए 'डेथ वारंट'
प्रदर्शनकारी किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील देश के कृषि, पोल्ट्री और डेयरी क्षेत्र के लिए विनाशकारी साबित होगी। अमेरिका अपने किसानों को भारी सब्सिडी देता है, जिससे वहां के कृषि उत्पाद सस्ते होते हैं। यदि अमेरिकी मक्का, सोयाबीन और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजारों में बिना शुल्क के आने लगे, तो देश के छोटे किसानों और पशुपालकों की आजीविका पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। किसानों का कहना है कि यह व्यापार समझौता रद्द किए गए तीन कृषि कानूनों से भी ज्यादा खतरनाक है और इससे देश की खाद्य संप्रभुता (Food Sovereignty) पर सीधा हमला होगा।
चढ़ूनी की रिहाई की मांग, 21 जुलाई को दिल्ली कूच का ऐलान
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की बिना शर्त रिहाई की जोरदार मांग उठाई। किसानों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सरकार दमनकारी नीतियां अपनाकर किसानों की आवाज दबाना चाहती है। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस व्यापार समझौते को वापस नहीं लिया और चढ़ूनी को रिहा नहीं किया, तो 21 जुलाई को देश भर से हजारों किसान दिल्ली के किसान घाट पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन महाआंदोलन शुरू करेंगे।
Farmers Outrage Over India-US Trade Deal
यह वीडियो इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि यह भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के रुख और दिल्ली कूच की तैयारियों का विस्तृत विवरण प्रदान करता है।