- जीआईएस मैपिंग के जरिए हरियाणा के हर गांव तक पहुंचेगा आधुनिक इलाज
- नूंह के तांई गांव का स्वास्थ्य केंद्र हुआ अपग्रेड, स्टाफ के लिए 36 लाख मंजूर
- महेंद्रगढ़ के खातोदड़ा में खुलेगा नया पीएचसी, ग्रामीण स्वास्थ्य पर सरकार का जोर
- स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बजट से पहले अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
हरियाणा स्वास्थ्य बजट 2026: हरियाणा की नई सरकार ने अब यह ठान लिया है कि सूबे का कोई भी कोना इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेगा। चंडीगढ़ के गलियारों से निकली ताज़ा खबर यह है कि स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आने वाले आम बजट के लिए स्वास्थ्य विभाग की कमर कस दी है।
उनका साफ़ कहना है कि अब कागज़ों पर नहीं बल्कि धरातल पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
हाल ही में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में आरती सिंह राव ने जिस अंदाज़ में अधिकारियों को निर्देश दिए, उससे साफ़ है कि इस बार का स्वास्थ्य बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं होगा।
मंत्री ने साफ़ शब्दों में कहा कि प्रदेश के हर इलाके को बराबर का हक मिलना चाहिए। चाहे वह कोई शहर हो या राजस्थान की सीमा से लगा कोई दूर-दराज का गांव, डॉक्टर और दवा अब सबकी पहुंच में होंगे।
नक्शे पर दिखेगा स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य
इस बार की रणनीति में सबसे दिलचस्प बात है 'जीआईएस मैपिंग' का इस्तेमाल। सरकार अब इस तकनीक के ज़रिए यह देख रही है कि हरियाणा के किन हिस्सों में अस्पताल दूर हैं और कहाँ आबादी के हिसाब से स्वास्थ्य केंद्र कम हैं।
आरती सिंह राव ने स्पष्ट किया कि इस मैपिंग के आधार पर ही नए संस्थान खोले जाएंगे ताकि किसी भी क्षेत्र के साथ भेदभाव न हो। यह एक ऐसा कदम है जो बताता है कि सरकार अब तुक्के में नहीं बल्कि सटीक योजना के साथ काम कर रही है।
नूंह और महेंद्रगढ़ के लिए खुशखबरी
ग्रामीण इलाकों की नब्ज़ पहचानते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने दो बड़े ऐलान किए हैं। नूंह जिले के तांई गांव में जो उप-स्वास्थ्य केंद्र बरसों से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा था, उसे अब 'प्राइमरी हेल्थ सेंटर' (PHC) का दर्जा मिल गया है। सिर्फ कागज़ी मुहर ही नहीं बल्कि स्टाफ के लिए करीब 36 लाख रुपये का बजट भी तुरंत मंजूर कर दिया गया है।
इसी तरह महेंद्रगढ़ के खातोदड़ा गांव में भी नया पीएचसी खोलने की हरी झंडी मिल गई है। इन फैसलों से ग्रामीण इलाकों के उन बुज़ुर्गों और महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें छोटी सी बीमारी के लिए भी शहर के चक्कर काटने पड़ते थे।
अफसरों को सख्त हिदायत: बजट में न हो कोई कसर
चंडीगढ़ की इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के बड़े चेहरों की मौजूदगी रही। अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल से लेकर आयुष और मेडिकल एजुकेशन के बड़े अफसरों तक सबको मंत्री ने एक ही बात समझाई कि बजट की तैयारी ऐसी हो जिसमें भविष्य की ज़रूरतें साफ दिखें।
पिछड़े इलाकों को प्राथमिकता पर रखा गया है ताकि हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं को एक मॉडल के रूप में पेश किया जा सके।
आरती सिंह राव का यह तेवर बताता है कि वे स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ी लकीर खींचने की तैयारी में हैं। उनका लक्ष्य सीधा है की इलाज इतना सुलभ हो कि आम आदमी को अस्पताल जाने के लिए कर्ज न लेना पड़े और इलाज इतना पास हो कि मरीज को सड़क पर समय न गंवाना पड़े।
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