पटना। आज यानी 24 सितंबर 2025 को बिहार के ऐतिहासिक सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की विस्तारित बैठक शुरू हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बैठक के दौरान अपने शुरुआती वक्तव्य में देश और बिहार की चुनौतीपूर्ण स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह बैठक न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश के लिए बेहद अहम है जहां लोकतंत्र और संविधान को बचाने की प्रतिज्ञा दोहराई जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय चुनौतियां
खड़गे ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मुश्किलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक नाकामी का नतीजा हैं। उन्होंने कहा कि पीएम के "मेरे दोस्त" कहे जाने वाले नेता आज भारत को कई संकटों में डाल रहे हैं। साथ ही उन्होंने देश में वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि बिहार में वोट काटने की साजिश रची जा रही है जो गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर हमला है।
बेरोजगारी और आर्थिक मंदी पर जोर
बैठक में बेरोजगारी और आर्थिक मंदी को भी बड़ा मुद्दा बनाया गया। खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार का "2 करोड़ नौकरियों" का वादा अधूरा रह गया जिससे युवा भटक रहे हैं। नोटबंदी और गलत GST नीतियों ने अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण उपभोग 50 साल के निचले स्तर पर है और असमानता चरम पर पहुंच गई है जहां अमीर और अमीर होता जा रहा है, जबकि गरीब परेशान हैं।
बिहार की बदहाली और किसानों का मुद्दा
बिहार की स्थिति पर खड़गे ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर 15% से ऊपर है और हर साल लाखों युवा पलायन को मजबूर हैं। किसानों की हालत भी खराब है जहां बाढ़ से नुकसान और सरकार की नाकामी साफ दिखती है। पीएम के चीनी उद्योग पुनरुद्धार के वादे को भी उन्होंने झूठा करार दिया।
जाति जनगणना और आरक्षण की मांग
खड़गे ने केंद्र से जाति जनगणना और 50% आरक्षण की सीमा हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने बिहार में 65% आरक्षण को संवैधानिक सुरक्षा देने में सरकार की असफलता पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने तमिलनाडु में कांग्रेस सरकार द्वारा 69% आरक्षण को संवैधानिक दर्जा देने का उदाहरण दिया।
2025 चुनाव और भविष्य की रणनीति
खड़गे ने दावा किया कि 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव मोदी सरकार के भ्रष्ट शासन के अंत की शुरुआत होगी। कांग्रेस बिहार के पुनर्निर्माण का बिगुल फूंकने की तैयारी में है जहां रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय पर फोकस रहेगा।
बिहार की जनता धार्मिक ध्रुवीकरण से दूर विकास और सुशासन चाहती है। खड़गे ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन मिलकर राज्य को "स्वर्णिम बिहार" बनाने की दिशा में काम करेंगे। बैठक में ये संकल्प भी लिया गया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के साथ मिलकर संघर्ष जारी रहेगा।
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