नई दिल्ली। NFLSpice News: देश में पेट्रोल में एथेनॉल के मिश्रण (Ethanol Blended Petrol - E20) को लेकर छिड़ी देशव्यापी बहस और वाहन चालकों की चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने संसद में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। सरकार ने संसद को सूचित किया है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिलाने का फिलहाल कोई विचार या निर्णय नहीं लिया गया है।
राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने स्पष्ट किया कि 20 प्रतिशत के मौजूदा लक्ष्य से आगे बढ़ने का कोई भी फैसला गहन वैज्ञानिक अध्ययनों और ऑटोमोबाइल निर्माताओं, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और अनुसंधान संस्थानों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद ही संभव होगा।
नॉर्मल या कम एथेनॉल वाला पेट्रोल अलग से नहीं मिलेगा
संसद में उठे इस सवाल पर कि क्या पुरानी गाड़ियों और उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए पेट्रोल पंपों पर बिना एथेनॉल वाला शुद्ध पेट्रोल या E10 (10% एथेनॉल) का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, सरकार ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अलग-अलग ईंधन ग्रेड के लिए समानांतर सप्लाई चेन (Parallel Supply Chain) चलाने से पूरे देश में बुनियादी ढांचे का खर्च काफी बढ़ जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं के लिए एथेनॉल नीति से मिलने वाले आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ सीमित हो जाएंगे।
माइलेज और इंजन नुकसान की अफवाहों पर क्या बोली सरकार?
देश भर के वाहन चालकों द्वारा E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन खराब होने और माइलेज घटने की शिकायतों पर सरकार ने तथ्यात्मक सफाई दी। मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि सरकार को ऑटोमोबाइल कंपनियों, ग्राहक संगठनों या टेस्टिंग एजेंसियों से इंजन फेलियर, फ्यूल पंप खराब होने या जंग लगने जैसी कोई भी प्रामाणिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि E10 मानक के लिए बने पुराने वाहनों में E20 ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज में लगभग 3 से 5 प्रतिशत तक की मामूली कमी आ सकती है, लेकिन E20 पेट्रोल के उच्च ऑक्टेन नंबर (Octane Rating) के कारण वाहन को बेहतर पिकअप और स्वच्छ दहन (Cleaner Combustion) का लाभ मिलता है।
सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि देश में 20 करोड़ से अधिक दोपहिया और 3 करोड़ से अधिक चार पहिया वाहन बिना किसी बड़ी तकनीकी समस्या के E20 और E15-प्लस ईंधन पर चल रहे हैं।
E20 Fuel Debate: Is India's Ethanol Policy Helping or Hurting Consumers?
यह वीडियो इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि यह भारत में E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति से जुड़ी वाहन चालकों की चिंताओं, माइलेज में आ रही कमी और सरकार के रुख का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करता है।