चंडीगढ़। NFLSpice News: हरियाणा को देश का 'दूध-दही का खाणा' के रूप में सशक्त पहचान दिलाए रखने और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हरियाणा के कृषि, किसान कल्याण एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने सेक्टर-17 स्थित पशुपालन विभाग के मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और मवेशियों की नस्ल सुधार प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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देशी नस्ल संवर्धन और आधुनिक तकनीक पर फोकस

समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा की पहचान विश्व प्रसिद्ध मुर्राह नस्ल की भैंसों और साहीवाल तथा हरियाणा नस्ल की गायों के संरक्षण व संवर्धन के लिए वैज्ञानिक तकनीकों को और अधिक व्यापक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सेक्स सॉर्टेड सीमन (Sex-Sorted Semen) तकनीक और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) जैसी उन्नत तकनीकों का लाभ राज्य के छोटे से छोटे पशुपालक तक पहुंचाया जाए, ताकि गुणवत्तापूर्ण दुधारू पशुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हो सके।

पशु स्वास्थ्य और घर-द्वार चिकित्सा सेवाओं में सुधार के आदेश

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश भर में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समय पर खुरपका-मुंहपका (FMD) जैसी बीमारियों से बचाव के टीके लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना और पशुधन बीमा योजना का दायरा बढ़ाया जाए ताकि पशुपालकों को किसी भी अनहोनी की स्थिति में आर्थिक नुकसान न झेलना पड़े। सरकार का मुख्य ध्येय पशुपालन को युवाओं के लिए एक लाभदायक और स्वरोजगार के बेहतरीन माध्यम के रूप में विकसित करना है।

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