चंडीगढ़। NFLSpice News: हरियाणा को बढ़ते प्रदूषण से मुक्ति दिलाने और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक महत्वाकांक्षी 'ग्रीन मॉडल' मास्टरप्लान तैयार किया है। राज्य सरकार ने सतत विकास (Sustainable Development) और कार्बन उत्सर्जन में कटौती के लिए 'हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट' और 'स्टेट एनवायरनमेंट प्लान' को तेजी से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संतुलन और राज्य का आधुनिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं।

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₹3,600 करोड़ के बजट से 500 नई इलेक्ट्रिक बसें और EV इंफ्रास्ट्रक्चर

विश्व बैंक के सहयोग से चलाए जा रहे लगभग 3,600 करोड़ रुपये के स्वच्छ वायु प्रोजेक्ट के तहत एनसीआर क्षेत्रों में वायु प्रदूषण कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत शहरों में सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 500 नई इलेक्ट्रिक बसें (Electric Buses) बेड़े में शामिल की जाएंगी। इसके साथ ही राज्य भर में 100 नए ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और डीजल जनरेटर के स्थान पर गैस-आधारित उपकरणों के इस्तेमाल के लिए उद्योगपतियों व एमएसएमई (MSME) इकाइयों को सब्सिडी दी जाएगी।

'एक पेड़ माँ के नाम' और 75 नमो वन विकसित करने का लक्ष्य

पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के दूसरे चरण में प्रदेश भर में 2 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, हरियाणा के सभी जिलों में कचरा और वेस्टलैंड घोषित जमीनों को साफ करके 75 स्थानों पर 'नमो वन' (Namo Van) और ऑक्सी वन विकसित किए जा रहे हैं। अरावली क्षेत्र के संरक्षण के लिए 'ग्रीन अरावली एक्शन प्लान' और 75 साल से पुराने वृक्षों की देखभाल के लिए 'प्राण वायु देवता पेंशन योजना' के तहत प्रतिवर्ष पेंशन दी जा रही है।

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