चंडीगढ़। हरियाणा के दुग्ध उत्पादक किसानों और पशुपालकों के लिए प्रदेश सरकार ने एक बेहद राहत भरी और बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के डेयरी उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए 600 करोड़ रुपये के भारी निवेश वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत रेवाड़ी और अंबाला जिलों में 5-5 लाख लीटर प्रतिदिन की भारी क्षमता वाले दो नए अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
डेयरी सेक्टर के लिए 10 करोड़ रुपये की नई योजना
ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 100 पशुओं तक की क्षमता वाले आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए 10 करोड़ रुपये के प्रारंभिक बजट के साथ एक नई विशेष योजना शुरू की है। इसके अतिरिक्त, हिसार जिले में 30 करोड़ रुपये की लागत से 'हरियाणा पशु महामारी विज्ञान केंद्र' (Haryana Veterinary Epidemiology Centre) बनाया जाएगा, जो मवेशियों में फैलने वाली बीमारियों की समय पर निगरानी और रोकथाम का काम करेगा।
वीटा बूथों में महिलाओं को मिलेगा 20 फीसदी आरक्षण
दुग्ध उत्पादकों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने और उपभोक्ताओं तक शुद्ध उत्पाद पहुंचाने के लिए सरकार वीटा (Vita) ब्रांड का तेजी से विस्तार करने जा रही है। प्रदेश भर में वीटा के 2,000 नए बूथ और मिल्क बार खोले जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि ग्रामीण इलाकों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए इन कुल बूथों में से 20 प्रतिशत बूथ स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। करनाल के एग्रो मॉल में एक विशेष एनएबीएल-प्रमाणित (NABL-certified) दूध और खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भी 8 करोड़ रुपये की लागत से खड़ी की जाएगी, जिससे गुणवत्ता में सुधार होगा।
इस बजट घोषणा के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में लाइव स्टॉक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर क्या असर पड़ने वाला है, यह समझने के लिए आप हरियाणा बजट सत्र में पशुपालकों के लिए हुए बड़े ऐलान की विस्तृत वीडियो रिपोर्ट देख सकते हैं। यह वीडियो रिपोर्ट योजना के हर तकनीकी और आर्थिक पहलू को गहराई से समझाती है।