रेवाड़ी। हरियाणा के दक्षिण क्षेत्र और विशेषकर मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए एक ऐतिहासिक खबर है। जिला रेवाड़ी के गांव माजरा में निर्माणाधीन देश के 22वें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में इसी शैक्षणिक सत्र से चिकित्सा शिक्षा का सफर शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने संस्थान के लिए पहले बैच के तौर पर 50 एमबीबीएस (MBBS) सीटों को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। मंत्रालय के इस फैसले से अब इसी साल से नीट (NEET UG) के जरिए युवाओं के दाखिले का रास्ता साफ हो गया है।

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केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने दी जानकारी, ओपीडी की तैयारियां तेज

गुरुग्राम के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने स्वास्थ्य मंत्रालय के इस पत्र की पुष्टि करते हुए बताया कि केंद्र सरकार क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और शैक्षणिक ढांचा खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि केवल कक्षाएं ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए बहुप्रतीक्षित आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) सेवाओं को भी जल्द से जल्द शुरू करने की प्रशासनिक कवायद तेज कर दी गई है। एम्स में डॉक्टरों व अन्य तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया को गति दी जा रही है।

1700 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया, 750 बेड का होगा अस्पताल

एम्स रेवाड़ी के इस बड़े फैसले के बाद मेडिकल सीटों के बढ़ते ग्राफ और नीट परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए कटऑफ पर पड़ने वाले असर को गहराई से समझने के लिए आप केन्द्र सरकार द्वारा एम्स रेवाड़ी के लिए सीटों की मंजूरी और आगामी रूपरेखा पर विशेष विश्लेषण देख सकते हैं जो विद्यार्थियों के लिए इस नई अपॉर्चुनिटी के हर तकनीकी पहलू को स्पष्ट करता है।

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लगभग 1700 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 210 एकड़ में विकसित हो रहे रेवाड़ी एम्स में कुल 1700 से अधिक अधिकारियों, डॉक्टरों और गैर-तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती की जानी है, जिसके लिए दिल्ली एम्स के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। यह अस्पताल पूरी तरह चालू होने के बाद 750 बेड की क्षमता वाला होगा, जिसमें रोजाना 1500 से ज्यादा मरीजों को देखने की ओपीडी सुविधा, 25 सुपर-स्पेशियलिटी विभाग, ट्रॉमा केयर और एक अत्याधुनिक नर्सिंग कॉलेज भी शामिल होगा।