Kuwait airport attack: खाड़ी देशों में बीते कुछ घंटों से जो खबरें आ रही हैं, वे दिल धड़काने वाली हैं। बुधवार की तड़के जब दुनिया सो रही थी, तब कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट अचानक धमाकों की गूँज से दहल उठा। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट के फ्यूल स्टोरेज यानी ईंधन रखने वाली जगहों को निशाना बनाकर ड्रोन से हमला किया गया है।
कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि हमला सीधा उन टैंकों पर हुआ जिनमें विमानों का ईंधन भरा जाता है।
कुवैत एविएशन फ्यूलिंग कंपनी के इन टैंकों में आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर से आसमान लाल दिखाई दे रहा था। प्रवक्ता अब्दुल्ला अल राजी के मुताबिक इस हमले में भारी नुकसान हुआ है लेकिन गनीमत यह रही कि किसी की जान नहीं गई।
आग बुझाने वाली टीमें मौके पर मुस्तैद रहीं और कड़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया गया।
कुवैत की इस घटना ने एक बार फिर मध्य पूर्व की नाजुक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि कुछ देर के लिए उड़ानों पर असर पड़ा लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन ने दावा किया है कि काम सुचारू रूप से चल रहा है। पर सवाल वही है कि आखिर ये सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?
बहरीन और सऊदी अरब भी निशाने पर
संकट सिर्फ कुवैत तक सीमित नहीं रहा। बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी एक चौंकाने वाली खबर दी है। वहां एक कंपनी की फैसिलिटी पर ईरानी हमले की बात सामने आई है।
नागरिक सुरक्षा दल वहां भी आग बुझाने में जुटे रहे। हालांकि वहां से भी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन जांच जारी है कि आखिर हमले का असल मकसद क्या था।
उधर, सऊदी अरब के ऊपर भी मौत के साए मंडरा रहे थे। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उन्होंने पिछले कुछ घंटों में दो ड्रोनों को बीच रास्ते में ही मार गिराया। ये ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुँच पाते, उससे पहले ही सऊदी के एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें धूल चटा दी।
क्या फिर युद्ध की दहलीज पर है खाड़ी?
इन सिलसिलेवार हमलों ने पूरे इलाके में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। एक तरफ कुवैत में जलते हुए तेल के टैंक और दूसरी तरफ बहरीन व सऊदी में होते हमले यह साफ इशारा कर रहे हैं कि इलाके में कुछ बड़ा पक रहा है। फिलहाल सभी खाड़ी देश हाई अलर्ट पर हैं।
आम जनता के मन में डर है कि क्या यह किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की शुरुआत है? आसमान में अब सिर्फ विमान नहीं, बल्कि दुश्मन के ड्रोन भी मंडरा रहे हैं। फिलहाल एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है और हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नज़र रखी जा रही है।
ग्राउंड जीरो से आ रही रिपोर्टें बताती हैं कि नुकसान भले ही माल-मसाले का हुआ हो लेकिन जो मानसिक डर इन हमलों ने पैदा किया है, उसकी भरपाई आसान नहीं होगी।

