Stock Market Crash: शेयर बाजार में कोहराम, Sensex-Nifty धड़ाम; क्या कच्चे तेल की आग में जल रहा है आपका निवेश?
शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट! सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव ने दलाल स्ट्रीट का मूड बिगाड़ा। क्या यह गिरावट और बढ़ेगी या आएगी रिकवरी? जानिए पूरी रिपोर्ट और एक्सपर्ट्स की राय।
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के लिए शुक्रवार की सुबह किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। दलाल स्ट्रीट पर आज चारों तरफ लाल निशान का कब्जा दिखा। बेंचमार्क इंडेक्स (Benchmark Indices) निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही शुरुआती कारोबार में ताश के पत्तों की तरह ढह गए। ग्लोबल अनिश्चितता (Global Uncertainty) और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के सेंटीमेंट (Investor Sentiment) को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है।
शुक्रवार को जैसे ही बाजार खुला बिकवाली का भारी दबाव (Selling Pressure) देखने को मिला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 50 करीब 109.50 अंकों की गिरावट के साथ 24,656.40 पर खुला।
वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का Sensex 356.91 अंक टूटकर 79,658.99 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी गिरावट की चपेट में नजर आए।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें बाजार की दिशा तय कर रही हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार हालांकि अभी तक तेल की कीमतों में वैसी तेज उछाल नहीं आई है जैसी पिछले संकटों में देखी गई थी लेकिन अगर ब्रेंट क्रूड $90 के पार जाकर $100 के करीब पहुंचता है तो वैश्विक बाजारों में हाहाकार मच सकता है।
वर्तमान में ब्रेंट क्रूड $84.46 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस (Sectoral Performance) पर नजर डालें तो बाजार का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं दिखा। सबसे ज्यादा मार प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर पर पड़ी है जहां निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.78% नीचे ट्रेड कर रहा है।
इसके अलावा ऑटो एफएमसीजी (FMCG), और आईटी (IT) सेक्टर में भी 0.17% से 0.44% तक की गिरावट दर्ज की गई है।
शेयर बाजार में मची भगदड़ के बीच निवेशकों ने अपना रुख सोने (Gold) और चांदी की ओर कर लिया है। बाजार में जोखिम (Risk) बढ़ने पर अक्सर कीमती धातुएं ‘सेफ हेवन’ मानी जाती हैं।
24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,60,894 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, जबकि चांदी में 2.31% की जोरदार तेजी देखी गई।
कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान का मानना है कि तकनीकी चार्ट (Technical Chart) पर एक ‘बुलिश कैंडल’ दिख रही है, जो रिकवरी (Pullback) का संकेत दे सकती है।
हालांकि इसके लिए निफ्टी को 24,500 और सेंसेक्स को 79,200 का सपोर्ट लेवल (Support Level) बचाए रखना होगा। अगर बाजार इन स्तरों से नीचे फिसला, तो गिरावट और गहरी हो सकती है।



