हरियाणा में सरकारी योजनाओं का बदला नियम: अब ‘प्रॉपर्टी ID’ के बिना नहीं मिलेगी पेंशन और सब्सिडी!
हरियाणा में सरकारी लाभ पाने के नियमों में बड़ा बदलाव! अब शहरी इलाकों में एड्रेस वेरिफिकेशन के लिए 'प्रॉपर्टी ID' दिखाना होगा अनिवार्य। क्या किराएदारों को भी मिलेगी सुविधा? जानिए मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की पूरी घोषणा और इसके आपके बजट पर पड़ने वाले असर के बारे में।
Haryana News: हरियाणा में अब सरकारी योजनाओं (Government Schemes) का लाभ लेना पहले जैसा आसान नहीं रहने वाला है। प्रदेश सरकार ने सिस्टम में सेंधमारी रोकने और केवल असली हकदारों तक मदद पहुँचाने के लिए एक बेहद सख्त और डिजिटल कदम उठाया है।
अब शहरी क्षेत्रों (Urban Areas) में रहने वाले लोगों के लिए घर के पते का सत्यापन (Address Verification) कराने हेतु प्रॉपर्टी ID (Property ID) को अनिवार्य कर दिया गया है।
विधानसभा के बजट सत्र (Budget Session) के दौरान एक सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने स्पष्ट किया कि जुलाई 2024 से यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी गई है।
यह कदम खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो सरकारी पेंशन, राशन या अन्य वित्तीय सहायता का लाभ ले रहे हैं। Haryana News
अक्सर देखा गया है कि शहरी इलाकों में पते के फर्जीवाड़े या एक ही पते पर कई परिवारों के रजिस्ट्रेशन के कारण सरकारी खजाने का दुरुपयोग होता था।
मंत्री ने विधायक प्रमोद विज के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि ऑथेंटिकेशन (Authentication) की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रॉपर्टी ID को आधार माना गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आवेदक वाकई उसी स्थान पर रह रहा है जिसका उसने दावा किया है।
इस नई घोषणा के बाद उन लोगों में चिंता थी जिनके पास अपनी जमीन या मकान नहीं है। सरकार ने यहाँ एक मानवीय रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति किराएदार (Tenant) है, तो वह परिवार पहचान पत्र (PPP) पोर्टल पर संबंधित विकल्प चुन सकता है।
वह जिस मकान में रह रहा है, उसकी प्रॉपर्टी ID का इस्तेमाल वेरिफिकेशन के लिए किया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट होगा कि लाभार्थी का भौतिक अस्तित्व (Physical Presence) उस क्षेत्र में है। Haryana News
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ‘घोस्ट बेनेफिशियरी’ (Ghost Beneficiaries – वे लोग जो अस्तित्व में नहीं हैं लेकिन लाभ ले रहे हैं) को सिस्टम से बाहर करने में मदद मिलेगी।
साथ ही डेटा सेंट्रलाइजेशन (Data Centralization) के जरिए भविष्य में योजनाओं का पैसा सीधे और तेजी से बैंक खातों में पहुँच सकेगा। यह डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में हरियाणा सरकार का एक बड़ा दांव है। Haryana News



