हरियाणा में गैस संकट: युद्ध का असर, घरेलू सिलेंडर बुकिंग 25 दिन की, कमर्शियल सप्लाई पर पूरी रोक!
अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के चलते हरियाणा में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई। कमर्शियल सिलेंडरों पर रोक, स्टॉक मॉनिटरिंग शुरू। मंत्री राजेश नागर ने जमाखोरी रोकने का ऐलान किया। उपभोक्ताओं को राहत, लेकिन व्यापारियों पर दबाव।
Haryana News: हरियाणा के लाखों परिवारों के चूल्हों पर अब पश्चिम एशिया का साया मंडरा रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान (Iran) के बीच छिड़े युद्ध ने वैश्विक गैस सप्लाई श्रृंखला को हिला दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रुकावटों से भारत तक LPG (Liquefied Petroleum Gas) पहुंच प्रभावित हुई तो राज्य सरकार अलर्ट मोड में आ गई।
घरेलू गैस सिलेंडरों की जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र के निर्देश पर हरियाणा ने कड़े कदम उठाए। पहले 21 दिन का था बुकिंग अंतर अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। इससे ब्लैकमार्केटिंग (black marketing) पर लगाम लगेगी।
खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने साफ कहा, केंद्र सरकार ने साफ हिदायत दी है कि घरेलू उपभोक्ताओं को एक भी सिलेंडर कम न पड़े।
जमाखोरी की कोई गुंजाइश नहीं। इसलिए पूरे सूबे में कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर फौरी रोक लगा दी गई।
नागर ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (Indian Oil Corporation Limited – IOC) को पत्र लिखा गया है। इसमें LPG उपलब्धता का पूरा डेटा मांगा गया।
सभी गैस एजेंसियों से स्टॉक की दैनिक रिपोर्ट लेना अनिवार्य कर दिया। विभाग खुद मॉनिटरिंग करेगा।
गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक, रोक तीन प्रकार के व्यावसायिक (commercial) सिलेंडरों पर है। इनमें 19 किलोग्राम, 35 किलोग्राम और 47.5 किलोग्राम वाले शामिल।
बड़े उद्योगों के लिए 425 किलोग्राम का सिलेंडर अभी सुचारू रूप से मिल रहा।
लेकिन छोटे व्यापारियों का रोना रोएं तो सही। होटल, रेस्तरां और छोटी इंडस्ट्रीज अब गैस के बिना ठप होने की कगार पर।
पानीपत की गैस आधारित टेक्सटाइल इकाइयां पहले ही बंद हो चुकीं। पॉलीस्टर यार्न (polyester yarn) के दाम 20 फीसद उछल गए।
सदर बाजारों से लेकर गांवों तक महिलाएं चिंतित हैं। क्या चूल्हा बनेगा या लकड़ी जमा करनी पड़ेगी? सरकार का दावा है कि घरेलू स्टॉक पर्याप्त।
तेल कंपनियों ने आश्वासन दिया कि ईंधन और LPG की आपूर्ति सामान्य है लेकिन फिर भी युद्ध लंबा खिंचा तो हालात बिगड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी बैठक बुलाई। डिप्टी कमिश्नरों को सख्ती का आदेश।
अब सवाल यह कि क्या ये उपाय संकट टाल पाएंगे या घर-घर आग लगाने वाली खबरें आएंगी।



