हरियाणा में मार्च में ही मई जैसी तपिश: 40 डिग्री की ओर बढ़ता पारा, अगले 72 घंटे भारी! जानें IMD का नया अलर्ट
हरियाणा में मार्च की शुरुआत ने ही गर्मी के सारे समीकरण बिगाड़ दिए हैं। गुरुग्राम और सिरसा में पारा 35 डिग्री पार कर चुका है, जबकि IMD ने अब 40 डिग्री का डरावना अलर्ट जारी किया है। क्या पश्चिमी विक्षोभ बचाएगा हरियाणा को इस 'लू' जैसी तपिश से? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
चंडीगढ़/गुरुग्राम: हरियाणा में कुदरत के मिजाज ने इस बार वैज्ञानिकों को भी हैरत में डाल दिया है। अभी मार्च का पहला हफ्ता खत्म भी नहीं हुआ है और प्रदेश की फिजाओं में मई जैसी झुलसाने वाली गर्मी (Scorching Heat) महसूस होने लगी है।
सूरज की किरणें अब शरीर पर कांटों की तरह चुभ रही हैं, जो सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खतरों की ओर इशारा कर रही हैं।
पिछले 24 घंटों में हरियाणा के तापमान ने जो रफ्तार पकड़ी है, उसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को खतरे में डाल दिया है। आंकड़ों के मुताबिक अधिकतम तापमान में 2.3 डिग्री की भारी बढ़ोतरी (Escalation) दर्ज की गई है। गुरुग्राम इस समय प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है जहां पारा 35.0 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है।
वहीं सिरसा (34.5°C) और भिवानी (34.1°C) भी पीछे नहीं हैं। राज्य के करीब 9 शहरों में पारा 33 डिग्री के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुका है।
सिर्फ दिन ही नहीं बल्कि रातें भी अब बेचैन करने लगी हैं। न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature) में 4.8 डिग्री की अचानक वृद्धि दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी अधिक है।
महेंद्रगढ़, जो अक्सर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहता था वहां भी अब पारा 14-15 डिग्री के आसपास मंडरा रहा है। यह बदलाव उन किसानों के लिए भी चिंता का विषय है जिनकी फसलें अभी पकने की कगार पर हैं।
मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 8 से 10 मार्च के बीच दक्षिण-पश्चिमी हरियाणा में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक आंकड़े को छू सकता है।
हालांकि राहत की एक बारीक किरण भी नजर आ रही है। 8 और 11 मार्च को दो लगातार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की संभावना है। यदि ये सिस्टम मजबूत रहे, तो उत्तरी हरियाणा के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी (Drizzling) हो सकती है जिससे तपते आसमान से थोड़ी राहत मिल सकती है।
बढ़ते तापमान और शुष्क मौसम (Dry Weather) को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को हीट स्ट्रोक से बचने की सलाह दी है।
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न होने दें।



