Haryana Weather Update: हरियाणा में ओलावृष्टि से मची तबाही, 21 मार्च तक भारी बारिश का अलर्ट! जानें आपके शहर का हाल
Haryana News: हरियाणा में कुदरत का डबल अटैक हो चूका है और कहीं ओलों की सफेद चादर तो कहीं आंधी ने तबाही मचाई है। हिसार से गुरुग्राम तक पारा लुढ़का लेकिन किसानों के लिए यह सुहाना मौसम बना बड़ी आफत बन चूका है। क्या आपकी फसल भी है खतरे में? जानिए 21 मार्च तक के मौसम का पूरा कच्चा-चिट्ठा इस विशेष रिपोर्ट में।
- ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं-सरसों की खड़ी फसलें बर्बाद।
- यमुनानगर में हाई वोल्टेज तार टूटने से थमी ट्रेनों की रफ्तार।
- 21 मार्च तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान।
Haryana Weather Update: फाल्गुन के महीने में जेठ जैसी तपिश की उम्मीद कर रहे हरियाणा के लोगों को कुदरत ने अचानक चौंका दिया है। रविवार को प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में आए चक्रवाती तूफान, गरज-चमक और ओलावृष्टि ने न केवल पारे को गोता लगाने पर मजबूर कर दिया बल्कि खेतों में लहलहाती सोने जैसी फसल पर भी संकट के बादल मंडरा दिए हैं।
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो यह राहत अभी आफत में भी बदल सकती है क्योंकि 21 मार्च तक मौसम के तेवर तल्ख रहने वाले हैं।
पारे में भारी गिरावट: हिसार-सिरसा सबसे ठंडे
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होते ही हरियाणा के अधिकतम तापमान में औसतन 3.4 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर हिसार और सिरसा में देखा गया जहां पारा 5.3 डिग्री तक लुढ़क गया।
महेंद्रगढ़ में तापमान 33.2 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे अधिक रहा लेकिन बाकी हिस्सों में चली ठंडी हवाओं ने लोगों को फिर से हल्के गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है।
तात्कालिक पूर्वानुमान हरियाणा :15/03/2026 20:36:2) अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, में मेघगर्जन / आकाशीय बिजली / अचानक तेज हवाएं/ आंधी(40-60 KMPH) की संभावना pic.twitter.com/tuxLWyVWyT
— IMD Chandigarh (@IMD_Chandigarh) March 15, 2026
खेतों में बिछी गेहूं की फसल, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
यह मौसम आम जनमानस के लिए सुहावना हो सकता है लेकिन अन्नदाता के लिए यह किसी काल से कम नहीं है। पानीपत, अंबाला, गुरुग्राम, रेवाड़ी, जींद और कैथल जैसे जिलों में हुई ओलावृष्टि ने गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
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गेहूं की बर्बादी: तेज आंधी के कारण भारी बालियों वाली गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है (Lodging), जिससे दाना काला पड़ने और पैदावार घटने का डर है।
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सरसों का नुकसान: पक चुकी सरसों की फसल पर ओले गिरने से दाने झड़ गए हैं, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
यमुनानगर में बड़ा हादसा टला: रेलवे ट्रैक पर गिरा हाई वोल्टेज तार
कुदरत के इस कहर का असर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी पड़ा। यमुनानगर की शिव कॉलोनी में रविवार रात मौत का साया मंडराया, जब आंधी के कारण हाई वोल्टेज तार टूटकर सीधे रेलवे लाइन के ऊपर गिर गया। स्टेशन मास्टर की मुस्तैदी से ट्रेनों को समय रहते रुकवाया गया वरना बड़ा रेल हादसा हो सकता था। इस शॉर्ट सर्किट से आसपास के घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गए और घंटों बिजली गुल रही।
अगले 5 दिन का ‘डेंजर जोन’
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राहत की उम्मीद अभी बेमानी है। 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
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16-17 मार्च: उत्तरी हरियाणा के जिलों में हल्की बूंदाबांदी और बादल छाए रहेंगे।
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18 मार्च से: एक और नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे ओलावृष्टि और तेज बारिश की प्रबल संभावना है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल फसलों में सिंचाई और खाद का छिड़काव रोक दें और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।



