HPSC PGT Computer Science Exam Date: 10 मई को परीक्षा, पहली भर्ती अधूरी रहते दूसरी का विज्ञापन, जानें पूरा विवाद
Haryana News: हरियाणा के हजारों युवाओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। हरियाणा लोक सेवा आयोग यानी HPSC ने PGT Computer Science परीक्षा की तारीख आखिरकार तय कर दी है।
आयोग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक यह परीक्षा 10 मई 2025 को आयोजित की जाएगी। लेकिन जितनी सीधी यह खबर लगती है उतनी है नहीं। इस परीक्षा के पीछे एक ऐसा विवाद पल रहा है जो HPSC के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया।
आमतौर पर किसी भी भर्ती प्रक्रिया में पहला चक्र पूरा होने के बाद ही दूसरे का रास्ता खुलता है। लेकिन HPSC ने इस बार एक ऐसा कदम उठाया जिसने सबको चौंका दिया।
PGT Computer Science की पहली भर्ती अभी तक पूरी तरह संपन्न नहीं हुई थी कि आयोग ने उसी पद के लिए दूसरी भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया।
आयोग के लंबे इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है और यही बात अभ्यर्थियों के बीच सबसे बड़ी बेचैनी की वजह बन रही है।
साल 2023 में HPSC ने हरियाणा कैडर के 1633 और मेवात कैडर के 78 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। करीब पांच हजार अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे लेकिन 35 प्रतिशत क्राइटेरिया की शर्त इतनी कठोर साबित हुई कि उसमें से महज 39 उम्मीदवार ही पास हो सके।
यानी 1672 से ज्यादा पद खाली रह गए। इन खाली पदों पर युवाओं की तरफ से आवाज उठती उससे पहले ही आयोग ने नई भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया।
पिछली भर्ती में आयोग ने हरियाणा कैडर के 1594 पदों को श्रेणियों में बांटा था जिसमें 859 सामान्य, 327 एससी, 163 बीसीए, 82 बीसी-बी और 163 ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित थे। मेवात कैडर के 78 पदों में 43 सामान्य, 15 एससी, 8 बीसीए, 4 बीसी-बी और 8 ईडब्ल्यूएस के लिए तय किए गए थे। लेकिन अब जो नई भर्ती आई है उसमें SC पदों का वर्गीकरण ही नहीं किया गया है। यह चूक छोटी नहीं है और इसे लेकर अभ्यर्थियों में गहरी नाराजगी है।
आयोग ने परीक्षा की तारीख तो घोषित कर दी लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है कि परीक्षा कितने केंद्रों पर होगी और किन जिलों में इसकी व्यवस्था रहेगी।
अभ्यर्थी इस जानकारी का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपनी तैयारी और यात्रा की योजना बना सकें। आयोग से उम्मीद है कि जल्द ही एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र की जानकारी साझा की जाएगी।
यह पूरा मामला सिर्फ एक परीक्षा की तारीख तक सीमित नहीं है बल्कि यह उस बड़े सवाल की तरफ इशारा करता है कि क्या भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निरंतरता बरती जा रही है। हरियाणा के युवाओं की नजरें अब आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।



