AIIMS Rewari Update: हरियाणा के रेवाड़ी एम्स में जुलाई 2026 से शुरू होगी ओपीडी, जानें कब से बैठेंगे एमबीबीएस छात्र
AIIMS Rewari Update: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हरियाणा के रेवाड़ी (माजरा भालखी) में बन रहे देश के 22वें एम्स में जुलाई 2026 से ओपीडी सेवाएं और जुलाई-अगस्त से एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू होने की उम्मीद है। जानिए पूरी खबर -
AIIMS Rewari Update: हरियाणा के रेवाड़ी जिला अंतर्गत माजरा भालखी (Majra Bhalkhi) गांव में आकार ले रहा देश का 22वां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इलाके के स्वास्थ्य ढांचे को पूरी तरह बदलने जा रहा यह महाप्रकल्प न केवल रेवाड़ी बल्कि आसपास के कई जिलों के लाखों लोगों के लिए चिकित्सा का नया केंद्र बनने जा रहा है।
परियोजना की प्रगति की समीक्षा के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इसी साल जुलाई 2026 से यहां बहुप्रतीक्षित ओपीडी (OPD) सेवाओं की विधिवत शुरुआत कर दी जाएगी।
पहले इस स्वास्थ्य केंद्र में मार्च से ओपीडी शुरू करने की संभावनाएं जताई जा रही थीं लेकिन अब बदली हुई तैयारियों के बीच जुलाई महीने को अंतिम समय-सीमा के रूप में तय किया गया है।
राहत की बात यह भी है कि ओपीडी शुरू होने के साथ ही यानी जुलाई या अगस्त 2026 के शैक्षणिक सत्र से ही यहां एमबीबीएस (MBBS) के पहले बैच की कक्षाएं भी पूरी तरह संचालित होने लगेंगी।
₹1650 करोड़ का है पूरा प्रोजेक्ट
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने हाल ही में निर्माण स्थल का धरातलीय निरीक्षण कर काम की रफ्तार को परखा है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए हैं कि आगामी माह से ही एम्स के लिए फैकल्टी, विशेषज्ञ डॉक्टरों और अन्य आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेज गति से शुरू कर दिया जाए।
लगभग 1,650 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से तैयार हो रहा यह संस्थान आने वाले दिनों में पूरे दक्षिणी हरियाणा के लिए सबसे बड़ा हेल्थकेयर हब बनकर उभरेगा।
मई-जून तक खड़ी हो जाएंगी 40 इमारतें, आपातकालीन सेवाओं के लिए बनेगा हेलीपैड
रेवाड़ी एम्स के प्रथम निदेशक प्रो. डी एन शर्मा (Prof. D.N. Sharma) द्वारा साझा की गई तकनीकी जानकारी के अनुसार बुनियादी ढांचे का काम युद्धस्तर पर जारी है। आगामी मई-जून 2026 तक संस्थान की मुख्य 40 अत्याधुनिक इमारतों का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा।
अस्पताल की अन्य प्रमुख व्यवस्थाएं और बुनियादी ढांचा इस प्रकार रहेगा:
हेलीपैड की सुविधा: गंभीर मरीजों को एयर एम्बुलेंस के जरिए तुरंत लाने और ले जाने के लिए परिसर में ही एक आधुनिक हेलीपैड का निर्माण अंतिम दौर में है।
विशाल मानव संसाधन: संस्थान को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 1,700 विभिन्न श्रेणियों के स्टाफ पदों की मंजूरी और भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
दिल्ली-जयपुर की दौड़ से मिलेगी मुक्ति, इलाज के साथ रोजगार का बनेगा जरिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी थी, जिसके बाद से ही इसके निर्माण को गति दी जा रही है। इस एम्स के पूर्ण रूप से चालू हो जाने के बाद स्थानीय निवासियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली एम्स या जयपुर के चक्कर काटने की मजबूरी से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय वेंटिलेटर और आईसीयू सपोर्ट युक्त गंभीर चिकित्सा सेवाएं, उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होने जा रहे हैं जो क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार देंगे।
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