Tohana Roadway Bus Danger: टोहाना में मौत का सफर! बसों पर लटके छात्र, प्रशासन और रोडवेज में ठनी
टोहाना में रोडवेज बसों की कमी और छात्रों की भीड़ जानलेवा साबित हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्र बसों की खिड़कियों पर लटकते दिखे। प्रशासन और अभिभावकों के बीच तनाव जारी।
टोहाना: हरियाणा के टोहाना में रोडवेज बसों की बदहाल व्यवस्था अब छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी है। सोशल मीडिया पर वायरल (Viral) हो रहे ताजा वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं जिनमें स्कूली और कॉलेज के छात्र बसों के दरवाजों और खिड़कियों पर मकड़ी की तरह लटके नजर आ रहे हैं।
यह नजारा किसी फिल्म का स्टंट नहीं, बल्कि टोहाना के उन सैकड़ों विद्यार्थियों की कड़वी हकीकत है, जो हर दिन मौत के साये में पढ़ाई करने निकलते हैं।
ग्राउंड जीरो (Ground Zero) से मिली जानकारी के अनुसार, सबसे खराब स्थिति शहतलाई जाने वाले रूट की है। सुबह और शाम के समय जब स्कूल, कॉलेज और आईटीआई (ITI) की छुट्टी होती है तो बसें ‘ओवरलोडेड’ (Overloaded) हो जाती हैं। आलम यह है कि पैर रखने तक की जगह नहीं बचती।
स्थानीय निवासियों जैसे सुखदेव और रमन का कहना है कि वर्षों से छात्रों की संख्या बढ़ी है, लेकिन बसों के फेरे (Frequency) नहीं बढ़ाए गए। अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
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दूसरी ओर, रोडवेज विभाग का नजरिया थोड़ा अलग है। बस स्टैंड इंचार्ज सुरेश दहिया और डीआई महेंद्र सिंह का दावा है कि रूट पर बसों की कोई कमी नहीं है।
उनके अनुसार छात्र जानबूझकर सिटी बसों (City Buses) को छोड़कर लंबी दूरी की बसों में चढ़ते हैं ताकि वे अपने दोस्तों के साथ समूह (Group) में यात्रा कर सकें।
अधिकारियों का कहना है कि कई बार बस के अंदर जगह खाली होने के बावजूद युवा केवल ‘एडवेंचर’ के लिए बाहर लटकते हैं। जब पुलिस को बुलाया जाता है, तो छात्र इधर-उधर भाग जाते हैं।
सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से समस्या हल नहीं होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस “डेंजरस ट्रैवलिंग” (Dangerous Traveling) को रोकने के लिए ‘पीक ऑवर्स’ (Peak Hours) के दौरान विशेष छात्र बसें (Special Student Buses) चलाने की जरूरत है।
साथ ही शिक्षण संस्थानों को भी अपने छात्रों को सड़क सुरक्षा (Road Safety) के प्रति जागरूक करना होगा। प्रशासन को केवल पुलिस का डर दिखाने के बजाय, बस अड्डों पर सख्त मॉनिटरिंग और छात्रों के लिए अलग कतार की व्यवस्था करनी चाहिए।



