ईरान में स्वास्थ्य सेवाओं पर गहराया संकट: WHO ने की 13 बड़े हमलों की पुष्टि, क्या युद्ध के बीच अब अस्पताल भी सुरक्षित नहीं?
ईरान में युद्ध की आग अब अस्पतालों तक पहुँच गई है! WHO ने स्वास्थ्य केंद्रों पर 13 बड़े हमलों की पुष्टि कर सनसनी मचा दी है। क्या एम्बुलेंस और डॉक्टर भी अब सुरक्षित नहीं? तेहरान के अस्पतालों को खाली कराने की नौबत क्यों आई और कैसे एक ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब के बंद होने से करोड़ों जिंदगियां खतरे में हैं? पढ़ें पूरी इनसाइड रिपोर्ट।
WHO Update: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब मानवीय संकट (Humanitarian Crisis) एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को एक चौंकाने वाली रिपोर्ट साझा करते हुए पुष्टि की है कि ईरान में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे (Health Infrastructure) पर 13 बार हमले किए गए हैं।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां चरम पर हैं और आम नागरिक चिकित्सा सहायता के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट और हताहतों का आंकड़ा
WHO के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ईरान में स्वास्थ्य सेवाओं को निशाना बनाया गया है जिसमें लेबनान का एक मामला भी शामिल है।
हालांकि उन्होंने इन हमलों के लिए किसी को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया लेकिन स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में 4 स्वास्थ्य कर्मियों (Medics) के मारे जाने और 25 अन्य के घायल होने की आशंका है, जिसकी फिलहाल बारीकी से जांच की जा रही है।
अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल
क्षेत्रीय निदेशक डॉ. हनान बाल्खी ने बताया कि ईरानी अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, हमले के दौरान 4 एंबुलेंस (Ambulances) को भारी नुकसान पहुंचा है।
राजधानी तेहरान में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एक प्रमुख अस्पताल को सुरक्षा कारणों से आनन-फानन में खाली (Evacuated) कराना पड़ा।
अस्पतालों के पास हुए धमाकों (Strikes) के कारण इमारतों को भी क्षति पहुंची है जिससे घायलों के इलाज में बड़ी बाधा उत्पन्न हो रही है।
वैश्विक मदद पर लगा ब्रेक
इस संकट का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि दुबई स्थित WHO का लॉजिस्टिक्स हब (Logistics Hub) जो दर्जनों देशों को दवाइयां और उपकरण भेजता है, फिलहाल परिवहन प्रतिबंधों (Transport Restrictions) के कारण ठप पड़ा है।
यदि यह गतिरोध जारी रहता है तो न केवल ईरान बल्कि पूरे क्षेत्र में जीवन रक्षक दवाओं की भारी कमी हो सकती है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने भी टेड्रोस को पत्र लिखकर 10 स्वास्थ्य केंद्रों के सीधे तौर पर सैन्य हमले की चपेट में आने का दावा किया है।



