Delhi UPSC Achievers 2026: दिल्ली के 56 युवाओं ने रचा इतिहास, CM रेखा गुप्ता ने बताया ‘देश की रीढ़’, शिक्षा मॉडल पर किया बड़ा ऐलान
UPSC 2026 में दिल्ली का डंका! मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 56 सफल अभ्यर्थियों को 'दिल्ली के गौरव' सम्मान से नवाजा। संघर्ष से सफलता तक की इन कहानियों के बीच CM ने दिल्ली को 'IAS हब' बनाने और शिक्षा मॉडल को और सशक्त करने का वादा किया। पढ़िए इन युवाओं के जज्बे और सरकार के नए संकल्प की पूरी रिपोर्ट।
- 56 UPSC अचीवर्स का भव्य सम्मान
- अंतिम व्यक्ति तक सेवा का संकल्प
- दिल्ली शिक्षा मॉडल में नया विस्तार
- नीति निर्माण में युवाओं की भागीदारी
नई दिल्ली, ब्यूरो: दिल्ली की सड़कों से निकलकर लुटियंस दिल्ली के सत्ता गलियारों (UPSC) तक का सफर तय करने वाले 56 होनहारों के लिए शनिवार का दिन बेहद भावुक और गौरवशाली रहा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ में आयोजित एक भव्य समारोह ‘दिल्ली के गौरव: UPSC अचीवर्स सम्मान 2026’ में इन युवा अधिकारियों को सम्मानित किया।
यह केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि उन संघर्षों की कहानी थी, जिन्होंने रातों की नींद और सालों के चैन को त्यागकर ‘IAS-IPS’ बनने का सपना पूरा किया।
“अधिकार नहीं, सेवा का संकल्प है यह वर्दी और कुर्सी”
मुख्यमंत्री ने चयनित उम्मीदवारों से सीधा संवाद करते हुए एक बड़ी बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिविल सेवा को केवल पावर या ऊंचे ओहदे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
रेखा गुप्ता के शब्दों में, “असली बदलाव तभी मुमकिन है, जब अधिकार के साथ कोई बड़ा मकसद जुड़ा हो।” उन्होंने इन युवाओं को याद दिलाया कि वे देश की प्रशासनिक व्यवस्था की वह रीढ़ हैं जिन पर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने सफल अभ्यर्थियों से उनके संघर्षों, दिल्ली की लाइब्रेरी में बिताई रातों और असफलता के डर को जीतने के अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की।
दिल्ली बनेगा ‘IAS हब’: शिक्षा मॉडल में बड़े बदलाव की तैयारी
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली के भविष्य का रोडमैप भी साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी की शिक्षा व्यवस्था को इतना प्रतिस्पर्धी बनाना है कि संसाधनों की कमी किसी भी छात्र के सपने के बीच न आए।
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नया विजन: सरकार एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रही है जहाँ हर छात्र को विश्वस्तरीय मार्गदर्शन और कोचिंग संसाधन मुफ्त या किफायती दर पर मिल सकें।
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नेतृत्व क्षमता: शिक्षा सुधारों का मकसद केवल रट्टा मारकर परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि छात्रों में संवेदनशीलता और नेतृत्व के गुण विकसित करना है।
युवाओं के अनुभव बनेंगे सरकारी नीति का हिस्सा
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने केवल भाषण नहीं दिया, बल्कि इन 56 अचीवर्स के सुझावों को नोट भी किया। उन्होंने घोषणा की कि इन युवाओं ने तैयारी के दौरान जिन चुनौतियों का सामना किया उनके फीडबैक को सरकार अपनी आगामी शैक्षिक नीतियों और ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ जैसे कार्यक्रमों में शामिल करेगी। इससे आने वाली पीढ़ी को एक स्मूथ और पारदर्शी सपोर्ट सिस्टम मिल सकेगा।
भावुक क्षण: जब माता-पिता की आँखों में आए आँसू
सम्मान समारोह के दौरान जब मुख्यमंत्री ने अचीवर्स के साथ उनके माता-पिता को भी मंच पर सराहा, तो माहौल भावुक हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन युवाओं की सफलता में उन परिवारों का अनुशासन और अटूट दृढ़ संकल्प भी शामिल है, जिन्होंने अपनी खुशियों को किनारे रखकर बच्चों को इस मुकाम तक पहुँचाया।



