गैस संकट पर सम्राट चौधरी का अल्टीमेटम: ब्लैक मार्केटिंग की तो खैर नहीं! जानें पूरा मामला
पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच गैस सप्लाई संकट पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी। घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, कमर्शियल डिलीवरी रोकी गई।
पटना। पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध की आंच अब भारत के रसोईघरों तक पहुंचने लगी है। देश के कई राज्यों में गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरें आने के बाद से आम जनता में बेचैनी है।
इसी माहौल में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार का पक्ष साफ करते हुए कहा कि इस संकट की आड़ में जो भी ब्लैक मार्केटिंग करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
सम्राट चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले में पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइन बिल्कुल साफ है ओर कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं होगी। जो भी इसमें लिप्त मिलेगा तो सरकार उसके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाएगी।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, कमर्शियल सेक्टर पर लगाम
ज़मीनी हकीकत यह है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने कुछ अस्थायी कदम उठाए हैं। फिलहाल कमर्शियल ग्राहकों जैसे होटल, ढाबे, कैटरिंग व्यवसायियों आदि के लिए सिलेंडर की डिलीवरी कई इलाकों में रोक दी गई है।
लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य है और आम परिवारों को घबराने की कोई जरूरत नहीं।
बावजूद इसके आपको बता दें कि बाजार में अफवाहें और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
तमिलनाडु से उठी आवाज़ जहां एक शेफ की कहानी जो पूरे देश की पीड़ा बयां करती है
यह संकट सिर्फ संख्याओं में नहीं बल्कि असली जीवन में भी दिखता है। तमिलनाडु के एक रसोइए बाला विनयगम ने अपना दर्द साझा किया।
वे कराईकुडी के मुथुमारीअम्मन मंदिर के 10 दिवसीय उत्सव के लिए हर साल खाना पकाते हैं ओर यह उनकी आस्था भी है और रोज़ी भी।
उन्होंने कहा कि इस बार हमने गैस स्टोव पर खाना बनाने की कोशिश की लेकिन सिलेंडर ही नहीं मिला।
बताया गया कि डिमांड बहुत ज़्यादा है और स्टॉक खत्म है। हम मजबूर होकर पुराने तरीके से लकड़ी पर खाना पकाने को सोच रहे हैं।
राजनीति भी गर्म है अभी
गैस संकट के साथ-साथ बिहार की राजनीति भी उबाल पर है। राज्यसभा चुनाव नज़दीक आते ही सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष ओर उसमें खासकर लालू प्रसाद यादव के परिवार पर सीधा निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि 2005 से लालू परिवार हारता आ रहा है और अब तो उन्हें इसकी आदत भी पड़ गई है। यह बयान सियासी गलियारों में खासा चर्चा का विषय बन गया।
निशांत कुमार के जदयू में शामिल होने पर भाजपा का स्वागत
इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के जनता दल यूनाइटेड में शामिल होने पर सम्राट चौधरी ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने 9 मार्च को कहा था कि यह जदयू का आंतरिक फैसला है और भाजपा इसका खुले दिल से स्वागत करती है।
उन्होंने कहा कि यह जदयू का अपना निर्णय है। उन्होंने सोच-समझकर निशांत कुमार को पार्टी में जगह दी है और हम उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हैं।
आगे क्या होगा अब?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और लंबा खिंचा तो ईंधन आपूर्ति श्रृंखला पर और दबाव पड़ सकता है। सरकार की कोशिश है कि घरेलू स्तर पर किसी भी असुविधा से बचा जाए, लेकिन व्यापारिक वर्ग के सामने मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
फिलहाल जनता को सरकार के आश्वासन पर भरोसा करना होगा और नज़र रखनी होगी ज़मीन पर हो रहे हालात पर।



