जैसलमेर में गर्मी का हाहाकार: तापमान 46 डिग्री पार, मोबाइल फोन हुए बंद, मौसम विभाग का येलो अलर्ट
राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर में भीषण गर्मी और लू से जनजीवन ठप हो गया है। पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है और मौसम विभाग ने अगले 96 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है।

- थार के रेगिस्तान में आसमान से बरसने लगी आग, जैसलमेर में सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज
- भीषण तपिश के चलते मोबाइल फोन हुए ओवरहीट, दोपहर में बाजारों और सड़कों पर पसरा सन्नाटा
- मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट, अगले 96 घंटों तक जारी रहेगा लू का सितम, पारा 47 डिग्री होने के आसार
- स्वास्थ्य विभाग की कड़ी चेतावनी, दोपहर में बाहर न निकलने और मवेशियों को छांव में रखने की सलाह
Rajasthan Weather Update: राजस्थान के पश्चिमी छोर पर बसे रेगिस्तानी इलाके इस समय सूरज के रौद्र रूप का सामना कर रहे हैं। देश के सबसे गर्म इलाकों में शुमार जैसलमेर और बाड़मेर में इन दिनों हालात बद से बदतर हो चुके हैं।
सरहदी जिले जैसलमेर में सूरज की तपिश और थार के रेगिस्तान से उठने वाली झुलसाने वाली गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। लोग इस कदर बेहाल हैं कि सुबह दस बजते ही घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं।
जैसलमेर से आ रही तस्वीरें और ग्राउंड रिपोर्ट बताती हैं कि दोपहर के वक्त बाजारों और सड़कों की स्थिति ऐसी हो जाती है, मानो इलाके में कोई अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया हो। चारों तरफ सिर्फ सन्नाटा पसरा रहता है।
तापमान 46 डिग्री, पर अहसास 50 जैसा
वैसे तो सरकारी रिकॉर्ड में जैसलमेर का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जो इस सीजन में पहली बार हुआ है। लेकिन यहां के स्थानीय बाशिंदों का कहना है कि तपती रेत और उमस के कारण धरातल पर यह अहसास 50 डिग्री सेल्सियस से भी कहीं ज्यादा का हो रहा है।
गर्मी का आलम यह है कि जेब में रखे-रखे लोगों के मोबाइल फोन अत्यधिक गर्म होकर अपने आप बंद हो रहे हैं।
इस झुलसाने वाली गर्मी से बचने के स्थानीय लोगों के सारे जतन और घरेलू नुस्खे इस बार नाकाम साबित हो रहे हैं। हर बीतते दिन के साथ लोगों की चिंताएं गहरी होती जा रही हैं क्योंकि आने वाले दिनों में राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 96 घंटे बेहद भारी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस भीषण स्थिति को देखते हुए इलाके में ‘येलो अलर्ट’ जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पारा उछलकर 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि हीटवेव (लू) का यह जानलेवा दौर अगले 96 घंटों तक इसी तरह लगातार जारी रहने की आशंका है।
सुबह 10 बजे से ही शुरू होने वाली गर्म हवाओं का तांडव रात को 7 से 8 बजे तक चलता है, जिससे रात के समय भी लोगों को चैन नहीं मिल पा रहा है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन
हालात की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं और उन्होंने आम जनता के लिए जरूरी सलाह जारी की है:
दोपहर में निकलने पर पाबंदी: आम लोगों से अपील की गई है कि दोपहर के समय बहुत जरूरी काम होने पर ही सूती कपड़े से सिर और मुंह ढककर बाहर निकलें।
हाइड्रेशन है जरूरी: शरीर में पानी की कमी न होने दें, लगातार ओआरएस घोल, छाछ, नींबू पानी या सादा पानी पीते रहें।
बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान: बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को इस मौसम में खास हिफाजत की जरूरत है।
मूक पशुओं के लिए इंतजाम: पशुपालन विभाग ने चरवाहों और किसानों से कहा है कि वे दोपहर के समय मवेशियों को चराने बाहर न ले जाएं और उन्हें छांव में रखकर पानी का पुख्ता इंतजाम करें।
जैसलमेर के ग्रामीण इलाकों में सोमवार का दिन इस सीजन का सबसे मुश्किल और गर्म दिन दर्ज किया गया। सुबह की पहली किरण के साथ ही तीखी धूप ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे।
ग्रामीण अंचलों में पानी की किल्लत और इस भीषण गर्मी ने दोहरी मार मारी है। अब हर आंखें आसमान की ओर टिकी हैं कि कब यह नौतपा और सूरज की तपिश कम हो और थार के इस अंचल को थोड़ी राहत मिले।



