नई दिल्ली: अपने गानों में बोल्ड शब्दों के इस्तेमाल के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले रैपर बादशाह के लिए टटीरी गाना गले की फांस बन गया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में बादशाह अपनी पूरी टीम जिसमें निर्देशक जोबन संधू, महावीर सिंह और निर्माता हितेन के साथ पेश हुए। आयोग ने सख्त लहजा अपनाते हुए साफ कहा कि गाने के बोल और उसे पेश करने का तरीका महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला है।
आयोग की फटकार और बादशाह का यू-टर्न
सुनवाई के दौरान आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई जिसके बाद बादशाह ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बिना किसी शर्त के माफी मांग ली। उन्होंने आयोग को भरोसा दिलाया कि भविष्य में उनके किसी भी प्रोजेक्ट में इस तरह की गलती दोबारा नहीं होगी।
बादशाह ने न केवल लिखित माफी दी, बल्कि अपनी छवि सुधारने के लिए महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम करने का भी वादा किया।
सजा नहीं, अब करेंगे सुधार का काम
विवाद के बाद बादशाह ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए दो बड़े संकल्प लिए हैं:
- शिक्षा का जिम्मा: बादशाह ने आर्थिक रूप से कमजोर 50 लड़कियों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है।
- सकारात्मक संदेश: उन्होंने वादा किया कि अगले 4 महीनों के भीतर वे एक ऐसा गाना लेकर आएंगे जो महिलाओं के प्रति सम्मान और एक सकारात्मक सामाजिक संदेश देगा।
क्या है पूरा मामला?
बादशाह के इस गाने के रिलीज होने के बाद से ही सोशल मीडिया और महिला संगठनों के बीच भारी विरोध देखने को मिल रहा था। शिकायतकर्ताओं का तर्क था कि गाने के बोल भद्दे हैं और महिलाओं को एक वस्तु (Objectification) के रूप में दिखाते हैं।
आयोग ने इसी शिकायत का संज्ञान लेते हुए पूरी टीम को समन भेजा था। अब माफी और शिक्षा के वादे के बाद उम्मीद की जा रही है कि यह विवाद शांत हो जाएगा।

