बेटियों की अच्छी शिक्षा हो जाये ओर बेटियां पढ़ लिखकर अपने पैरों पर खड़ी हो जायें ये हर माता पिता का सपना होता है। सभी माता पिता ये भी चाहते है कि उनकी बेटी की शादी धूमधाम से हो सके और इसके लिए लोग पैसा एकत्रित करते है।
आज भारत सरकार इसको लेकर कई अलग अलग बचत योजनाओं को संचालित कर रही है ताकि बेटियों के भविष्य को उज्जवल किया जा सके। सरकार ने इसको जमीनी स्तर पर उतारने के लिए ही सुकन्या समृद्धि योजना को शुरू किया था जो आप बेटियों के लिए वरदान बन चुकी है।
इस योजना में बेटियों की पढ़ाई ओर शादी के लिए एक बड़ा फंड जुटाई जा सकता है। आईए आपको इस योजना में 1 अप्रैल 2025 से कितना ब्याज मिलने वाला है ओर ₹1,500 महीना निवेश पर कितना रिटर्न मिलेगा इसकी पूरी जानकारी देते है।
1 अप्रैल से कितनी ब्याज दर मिलेगी?
सुकन्या समृद्धि योजना में इस समय 2024 – 2025 की आखिरी तिमाही में 8.2% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ बेटियों को दिया जा रहा है। सरकार के वित मंत्रालय की ओर से हर तीन महीने में इन योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया जाता है। 1 अप्रैल 2025 से जो साल की पहली तिमाही शुरू हो रही है उसमें पहले वाली ब्याज दरें ही लागू रहने वाली है।
वित मंत्रालय की ओर से इसको लेकर के एक अधिसूचना भी जारी की है जिसमें बताया गया है कि इन सभी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों को स्थिर रखा जा रहा है। आपको बता दें कि ये लगातार पांचवीं तिमाही है जब इन योजनाओं की ब्याज दर को स्थिर रखा जा रहा है। एसएसआई स्कीम के साथ साथ में बाकी की लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।
₹1,500 महीना निवेश की गणना
सुकन्या समृद्धि योजना में आप अगर बेटी के नाम से खाता खुलवाकर हर महीने केवल ₹1,500 का निवेश शुरू करते है तो मैच्योरिटी पर एक बड़ा अमाउंट बेटी को मिल जाता है। आपका कुल निवेश इसमें ₹2,70,000 का होगा जबकि मैच्योरिटी के समय में बेटी को कुल ₹8,31,309 रिटर्न मिलता है। इसमें आपके निवेश की राशि के अलावा ब्याज का ₹5,61,309 ब्याज का पैसा होता है।
स्कीम में लागू है ये नियम
एसएसवाई स्कीम में निवेश के लिए कुछ नियम लागु किये गए है जिनके अनुसार ही इस योजना में बेटी के नाम से खाता खुलवाया जा सकता है और निवेश किया जा सकता है।
योजना में एक परिवार से केवल 2 बेटियों को लाभ दिया जाता है लेकिन पहली बेटी के जन्म लेने के बाद में अगर अगली बार दो बेटियों का जन्म एक साथ हो जाता है तो फिर तीनों बेटियों को लाभ दिया जाता है।
स्कीम में निवेश करने और खाता खुलवाने के लिए बेटी की आयु अधिकतम 10 साल की होनी चाहिए। स्कीम में एक साल में 250 रूपए जमा करने अनिवार्य है और एक साल में अधिकतम 1 लाख 50 हजार का निवेश किया जा सकता है।
खाता कैसे खुलवाया जाता है इस स्कीम में
भारत सरकार की तरफ से संचालित की जा रही इस योजना में बेटियों के नाम से खाता किसी भी बैंक में या फिर डाकघर में खुलवाया जा सकता है। इसके लिए बेटी के जन्म के डॉक्यूमेंट, बेटी का आधार कार्ड, माता पिता या फिर अभिभावक में से किसी एक का आधार कार्ड देना होता है।
डाकघर खुलवाने के लिए आपको डाकघर में या फिर बैंक में जाना होगा जहाँ आपको सुकन्या समर्द्धि योजना का फॉर्म भरकर खाता खुलवाना होगा और उसके बाद में आप हर महीने या फिर सालाना के हिसाब से बेटी के इस खाते में निवेश कर सकते है।
पढाई और शादी के लिए ये नियम लागु किये गए है
आपकी जानकारी के लिए बता दें की इस योजना में सरकार ने बेटी की पढाई और शादी के लिए भी नियम बनाये है। बेटी की आयु 18 साल की होने पर आप योजना में जमा कुल राशि का 50 फीसदी तक पैसा निकाल सकते है और बेटी की उच्च शिक्षा करवा सकते है। इसके लिए आपको बेटी के यूनिवर्सिटी में एडमिशन के डॉक्यूमेंट देने होते है।
इसके अलावा जब बेटी की शादी की आयु हो जाती है और शादी करते है तो आप शादी के जरुरी डॉक्यूमेंट पेश करके स्कीम में जमा राशि को निकाल सकते है और बेटी की शादी धूमधाम से करवा सकते है।