चरखी दादरी। बिजली समस्या को लेकर नेशनल हाईवे 334-बी पर समसपुर के पास जाम लगाने वाले 207 ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस द्वारा केस दर्ज किए जाने के बाद इलाके में भारी रोष व्याप्त है। पुलिस की इस दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे। फोगाट खाप के प्रधान की अगुवाई में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त (DC) से मुलाकात कर दर्ज मुकदमों को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग उठाई है।

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अधिकारियों की अनदेखी के बाद ग्रामीणों ने उठाया था कदम

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उपायुक्त मनदीप कौर को सौंपे मांग पत्र में बताया कि गांव समसपुर में पिछले काफी समय से गंभीर बिजली संकट बना हुआ था। लगातार अघोषित बिजली कटौती के कारण स्थानीय जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका था। 

ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन जब लंबे समय तक कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरना पड़ा।

शांतिपूर्ण आंदोलन पर मुकदमे का विरोध, डीसी ने दिया आश्वासन

खाप प्रधान सुरेश फोगाट और गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह ने बताया कि हाईवे पर किया गया प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। इस दौरान न तो कोई हुड़दंगबाजी हुई और न ही किसी भी तरह की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही जाम खोला गया था, ऐसे में 27 नामजद सहित 207 लोगों पर मुकदमा लादना पूरी तरह गलत है। 

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मुलाकात के बाद प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और गांव की बिजली आपूर्ति को दादरी शहर के मुख्य फीडर से जोड़ा जाएगा, जिसके बाद ग्रामीण शांत होकर लौटे।