नई दिल्ली। NFLSpice News: संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का दिल कहे जाने वाले जंतर-मंतर पर भारी सियासी और सामाजिक उबाल देखने को मिला। परीक्षा प्रणालियों में सुधार और नीट (NEET-UG) पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तीखी झड़पें हुईं।

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सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे युवाओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्के लाठीचार्ज का सहारा लिया और आंसू गैस के गोले भी दागे।

इस भारी हंगामे के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच करीब 4 घंटे तक एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी चली।

वांगचुक के संदेश पर दिपके ने खत्म किया आमरण अनशन

इससे पहले आंदोलन के मोर्चे से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपना अनिश्चितकालीन आमरण अनशन समाप्त कर दिया। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील के बाद दिपके ने अनशन तोड़ा।

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वांगचुक ने अपने संदेश में कहा था कि आंदोलन को जमीन पर नेतृत्व देने के लिए दिपके का स्वस्थ और सक्रिय रहना बेहद जरूरी है। इसके तुरंत बाद दिपके खुद मार्च की अगुवाई करने सड़क पर उतरे।

हालांकि दोपहर बाद उनके हिरासत में लिए जाने की अफवाहों को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वह मंच पर ही मौजूद थे।

बैरिकेड्स टूटने पर लाठीचार्ज, राजीव चौक समेत 5 मेट्रो स्टेशन बंद

हजारों की तादाद में मंडी हाउस और जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने जब संसद भवन की तरफ कूच करने के लिए शास्त्री भवन के पास लगे पुलिस बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की, तो हालात बेकाबू हो गए।

स्थिति को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एहतियातन राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट समेत 5 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

उधर संसद के भीतर भी इस मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद डिंपल यादव ने छात्रों पर हुए बल प्रयोग को पूरी तरह अलोकतांत्रिक और निंदनीय बताया।