नई दिल्ली। NFLSpice News: नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान आज मध्य दिल्ली की सड़कें पूरी तरह से छावनी में तब्दील नजर आईं। मंडी हाउस और जंतर-मंतर के आस-पास का पूरा इलाका एक बड़े रणक्षेत्र जैसा दिखाई दे रहा था, जहां एक तरफ इंसाफ की मांग करते हजारों आक्रोशित युवा थे, तो दूसरी तरफ उन्हें रोकने के लिए मुस्तैद सैकड़ों सुरक्षाकर्मी। लाठियों की तड़तड़ाहट, आंसू गैस के गोलों का धुआं और वाटर कैनन की तेज बौछारों के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद भवन की तरफ बढ़ने से रोक दिया।

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सुबह 11 बजे से ही जमने लगा था प्रदर्शनकारियों का डेरा

ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे से ही दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्र और युवा मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के बाहर जुटने शुरू हो गए थे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए इन युवाओं का नेतृत्व सीजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारी कर रहे थे। दोपहर करीब 12:30 बजे जैसे ही मार्च ने संसद भवन की तरफ बढ़ना शुरू किया, पहले से तैयार दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के जवानों ने शास्त्री भवन और रेल भवन के पास मोर्चा संभाल लिया।

तीन लेयर की सुरक्षा दीवार ने रोका रास्ता, फिर भड़की हिंसा

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बेहद पुख्ता इंतजाम किए थे। सड़कों पर सबसे आगे कटीले तारों वाली छोटी बैरिकेडिंग थी, उसके ठीक पीछे भारी लोहे के ऊंचे बैरिकेड्स और सबसे पीछे वज्र वाहनों (Water Cannons) की तैनाती की गई थी। मार्च जैसे ही इस घेरे के करीब पहुंचा, कुछ उत्साही प्रदर्शनकारी लोहे की बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए और उसे धकेलने की कोशिश करने लगे। माहौल को बिगड़ता देख पुलिस ने पहले लाउडस्पीकर से पीछे हटने की चेतावनी दी और फिर अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

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आंसू गैस के गोलों से थमा मार्च, कई छात्र हिरासत में

बैरिकेड्स के पास मची अफरा-तफरी के बीच पुलिस ने आंसू गैस के करीब आधा दर्जन गोले दागे, जिससे पूरे इलाके में तीखा धुआं फैल गया और प्रदर्शनकारियों की आंखों में जलन होने लगी। इसके साथ ही पानी की तेज बौछारें छोड़कर भीड़ को पीछे धकेला गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद मार्च पूरी तरह बिखर गया। मौके पर मौजूद कई छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर बसों के जरिए दूरदराज के थानों में भेज दिया, जिसके बाद शाम करीब 4 बजे जाकर स्थिति पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।