गंगटोक। NFLSpice News: सिक्किम के नामची जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। यहां तीस्ता चरण-VI जलविद्युत परियोजना (NHPC Teesta Stage-VI) की एक निर्माणाधीन सुरंग में सोमवार दोपहर भूस्खलन और संदिग्ध मीथेन गैस विस्फोट के बाद करीब 27 मजदूर अंदर फंस गए हैं। घटना के बाद प्रवेश द्वार पूरी तरह से मलबे से बंद हो गया है, जबकि सुरंग के भीतर जहरीली गैस के रिसाव और ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण राहत एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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गैस रिसाव और धमाके से ढहा सुरंग का हिस्सा

प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक यह भीषण दुर्घटना पटेल इंजीनियरिंग द्वारा बनाई जा रही समरदुंग (झोलुंगे) ऑडिट टनल में घटित हुई। दोपहर करीब 3:40 बजे जिला प्रशासन को सूचना मिली कि सुरंग के भीतर लगभग 1.5 किलोमीटर गहराई में जमा मीथेन गैस को बाहर निकालने के प्रयास के दौरान अचानक धमाका हुआ, जिसके बाद अंदर भूस्खलन (Landslide) हो गया। हादसे के वक्त टनल में निर्माण कार्य चल रहा था। शुरुआती समय में कुछ मजदूर तो खुद बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन 21 ठेका मजदूर और 6 एनएचपीसी कर्मी अंदर ही फंस गए।

जहरीली गैस से बचावकर्मियों की बिगड़ी तबीयत, बुलाई गई स्पेशल टीम

नामची की जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। हालांकि सुरंग के भीतर मीथेन गैस के अत्यधिक फैलाव और ऑक्सीजन के गिरते स्तर के कारण पहले दौर में अंदर घुसे कई रेस्क्यू कर्मियों को चक्कर आने लगे और सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके चलते अभियान को बार-बार रोकना पड़ा।

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हालात की गंभीरता को देखते हुए पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से विशेष गैस-मास्क और प्रोटेक्शन गियर से लैस एक्सपर्ट रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया है। घटनास्थल पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है, जबकि सुरंग के भीतर वेंटिलेशन पाइपों के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं ताकि फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा सके।