रेवाड़ी: अगर आप रेवाड़ी शहर के उन इलाकों में रहते हैं जहां पीएनजी (PNG) पाइपलाइन पहुंच चुकी है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन अब एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है जिसके तहत पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को अब रसोई गैस (LPG) सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पीएनजी उपभोक्ताओं का डेटा गैस एजेंसियों के साथ साझा किया जा रहा है, ताकि बुकिंग होने पर भी उन्हें सिलेंडर अलॉट न हो।
पैनिक होने की जरूरत नहीं, सप्लाई है पूरी
डीसी अभिषेक मीणा ने जिले के हालात पर स्पष्ट किया है कि फिलहाल रेवाड़ी में गैस, डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। जिले में 13,000 से ज्यादा घरेलू और 600 कमर्शियल सिलेंडर मौजूद हैं। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई भी सामान्य है। डीसी ने आम जनता से अपील की है कि वे पैनिक होकर जमाखोरी न करें। अगर कोई सिलेंडर बुक करता है, तो उसे 7 दिन के भीतर डिलीवरी मिल जाएगी।
LPG के मुकाबले PNG क्यों है प्रशासन की पसंद?
प्रशासन का तर्क है कि पीएनजी न केवल एलपीजी से सस्ती है, बल्कि कहीं ज्यादा सुरक्षित भी है। हवा से हल्की होने के कारण लीकेज होने पर भी इसके हादसे की संभावना न के बराबर रहती है। सबसे बड़ी बात यह है कि एलपीजी के लिए हमें विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता है, जबकि पीएनजी देश में ही तैयार होती है। यही वजह है कि सरकार अब रिहायशी इलाकों को पूरी तरह पीएनजी पर शिफ्ट करने की तैयारी में है।
कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं
प्रशासन ने गैस और तेल की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त तेवर अपना लिए हैं। इसके लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 01274-225214 भी जारी किया गया है। यदि किसी उपभोक्ता को डिलीवरी या उपलब्धता में समस्या आती है, तो वे इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही कमर्शियल सिलेंडरों की 70 प्रतिशत सप्लाई बहाल कर दी गई है, जिससे रेस्टोरेंट और अस्पतालों को बड़ी राहत मिली है।

