इराक में भीषण हवाई हमले, अमेरिका ने जारी किया देश छोड़ने का अलर्ट: मिडिल ईस्ट में फिर तेज हुआ युद्ध

Breaking News: मध्य पूर्व में पिछले कुछ समय से सुलग रही बारूद की ढेरी अब विस्फोट की कगार पर खड़ी नजर आ रही है। इराक के अलग-अलग हिस्सों में हाल ही में हुए भीषण हवाई हमलों ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया है बल्कि स्थानीय लोगों के मन में भी गहरे खौफ का साया फैला दिया है।
किरकुक और मोसुल जैसे इलाकों में हुए इन हमलों में इराक के आधिकारिक सुरक्षा ढांचे का हिस्सा माने जाने वाले पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के तीन सदस्य और दो स्थानीय पुलिसकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
इराक की गलियों में इस समय केवल डर और गुस्से का माहौल है। यह हमला सिर्फ सैन्य ठिकानों पर नहीं था बल्कि इसने उन परिवारों को भी उजाड़ दिया है जो अपने देश की सेवा में तैनात थे।
ग्राउंड से आ रही खबरें बताती हैं कि किरकुक के पास हुए हमले के बाद से फिजाओं में बारूद की गंध और अनहोनी की आशंका तैर रही है। वहीं किरकुक से करीब 100 मील दूर मोसुल में भी हालात कुछ जुदा नहीं हैं जहां पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया।
अमेरिका और इजरायल पर सीधे आरोप
हवा में मंडराते इन घातक विमानों और ड्रोन हमलों के पीछे पीएमएफ ने सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि वाशिंगटन या तेल अवीव की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है लेकिन इराक की राजनीति में इसे लेकर उबाल है।
यह संगठन जो कभी आईएसआईएल (ISIL) जैसे आतंकी गिरोहों से लोहा लेने के लिए बनाया गया था अब क्षेत्रीय शक्तियों की आपसी लड़ाई का केंद्र बनता जा रहा है। आम इराकी नागरिक अब यह पूछ रहा है कि क्या उनका देश एक बार फिर किसी बड़ी वैश्विक जंग का अखाड़ा बनने जा रहा है?
बगदाद में दहशत और भागते विदेशी
बगदाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास की हलचल इस बात की तस्दीक करती है कि खतरा कितना बड़ा है। दूतावास ने अगले 24 से 48 घंटों के भीतर भीषण हमलों की चेतावनी जारी कर दी है।
ईरान समर्थित गुटों द्वारा अमेरिकी ठिकानों, होटलों, हवाई अड्डों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाए जाने की आशंका ने दूतावास को ‘लेवल 4’ की एडवाइजरी जारी करने पर मजबूर कर दिया है।
यह एडवाइजरी महज एक सरकारी कागज नहीं है बल्कि उन अमेरिकी नागरिकों के लिए एक आखिरी चेतावनी की तरह है जो वहां रह रहे हैं। दूतावास ने साफ कह दिया है कि अब इराक में रुकना मौत को दावत देने जैसा है।
बंद हुआ आसमान, जमीनी रास्तों पर उमड़ी भीड़
चूंकि इराक का हवाई क्षेत्र लगभग बंद है ऐसे में वहां से निकलने का रास्ता बेहद संकरा हो गया है।
अमेरिकी नागरिकों और अन्य विदेशियों को जॉर्डन, कुवैत, सऊदी अरब और तुर्की जैसे पड़ोसी देशों की ओर भागने की सलाह दी गई है।
सीमा चौकियों पर भारी भीड़ है और लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं जबकि पीछे छूटते इराक में युद्ध के बादल घने होते जा रहे हैं।
इराक की इस स्थिति ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं है बल्कि इसमें वह मासूम पुलिसकर्मी और सैनिक भी पिस रहे हैं जिनका इस वैश्विक राजनीति से शायद कोई सीधा लेना-देना नहीं था।
आने वाले कुछ घंटे इराक और पूरे मिडिल ईस्ट की तकदीर तय करने वाले हैं।


