रेवाड़ी/हरियाणा: रसोई गैस (LPG) की किल्लत और कालाबाजारी की अफवाहों के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। डीसी अजय कुमार के कड़े निर्देशों के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीमों ने जिले भर में सघन चेकिंग अभियान छेड़ दिया है।
प्रशासन का साफ संदेश है—न तो गैस की कमी होने दी जाएगी और न ही किसी को अवैध तरीके से सिलेंडर स्टोर करने की इजाजत मिलेगी।
शिकायतों पर ताबड़तोड़ एक्शन
प्रशासन की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महज 24 घंटों के भीतर टोल-फ्री नंबर पर 91 शिकायतें दर्ज की गई हैं।
डीसी अजय कुमार ने बताया कि इन सभी शिकायतों को तुरंत संबंधित गैस एजेंसियों को भेजकर प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
अब उपभोक्ता अपनी किसी भी समस्या के लिए सीधे कंट्रोल रूम का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
हर एजेंसी पर होगा हेल्पलाइन नंबर
डीएफएससी अशोक रावत ने जानकारी दी कि पारदर्शिता लाने के लिए जिले की सभी 58 गैस एजेंसियों के बाहर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंट्रोल रूम का लैंडलाइन नंबर प्रदर्शित कर दिया गया है।
इससे बिचौलियों का खेल खत्म होगा और आम जनता को सीधे प्रशासन से जुड़ने का मौका मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी की आपूर्ति और वितरण पर अब डेली मॉनिटरिंग की जा रही है।
स्टॉक फुल, पैनिक होने की जरूरत नहीं
अफवाहों पर विराम लगाते हुए विभाग ने डेटा जारी किया है कि जिले की 58 एजेंसियों के पास वर्तमान में 15,016 सिलेंडरों का भारी स्टॉक मौजूद है।
प्रशासन ने साफ किया है कि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा मिलती रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की कालाबाजारी या डायवर्जन की सूचना तुरंत विभाग को दें।

