Breaking News: आर के रोड चिमा चौक के पास स्थित एक नामी हैंड टूल्स (पाने और चाबियां) बनाने वाली फैक्ट्री आज अचानक चीखों और मातम के मरघट में तब्दील हो गई।
रोजाना की तरह मजदूर अपनी मशीनों पर मुस्तैदी से काम में जुटे थे कि तभी मौत ने दबे पांव दस्तक दी। फैक्ट्री की गैस पाइपलाइन या सिलेंडर से अचानक एक बेहद खतरनाक और जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया।
यह रिसाव इतना पलक झपकते हुआ कि किसी को संभलने या बाहर भागने तक का मौका नहीं मिला। चंद मिनटों के भीतर इस साइलेंट किलर ने पूरी फैक्ट्री को अपने आगोश में ले लिया।
आंखों के सामने तड़पते रहे अपने, सांसों ने तोड़ दिया साथ
गैस हवा में फैलते ही वहां काम कर रहे मजदूरों का दम घुटने लगा और आंखों में असहनीय जलन होने लगी। इस खौफनाक मंजर के बीच सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि एक बदनसीब पिता और उसके बेटे ने एक-दूसरे के सामने ही तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
इस हादसे ने न सिर्फ तीन घरों के चिराग बुझा दिए, बल्कि सुरक्षा दावों की भी पोल खोलकर रख दी है। हादसे में पिता-पुत्र समेत 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जमीन पर बेसुध गिरे कई अन्य कामगार जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा, अस्पताल में मची अफरा-तफरी
जैसे ही गैस रिसाव की खबर फैक्ट्री की दीवारों को लांघकर बाहर आई, इलाके में भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत टीमें मौके पर दौड़ीं।
रेस्क्यू टीम के जांबाज सदस्यों ने बिना वक्त गंवाए फैक्ट्री के भीतर प्रवेश किया और वहां अचेत पड़े मजदूरों को बाहर निकालना शुरू किया।
फिलहाल प्रभावित मजदूरों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां कइयों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि पहली प्राथमिकता स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लेने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की है। इसके बाद फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और हादसे के असली कारणों की बारीकी से कानूनी जांच की जाएगी।

