Haryana Breaking News: ग्राउंड लेवल पर छोटे कारोबारियों और पारंपरिक कामगारों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बेहद व्यावहारिक कदम उठाया है।
मत्स्य पालन विभाग ने अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से जुड़े परिवारों की तकदीर बदलने के लिए एक खास वित्तीय मदद योजना को जमीन पर उतारा है। यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है बल्कि मछली पकड़ने से लेकर उसे बाजार में बेचने तक के पूरे सफर को कवर करती है।
अक्सर देखा जाता है कि हुनर होने के बावजूद पूंजी की कमी के कारण लोग अपना काम शुरू नहीं कर पाते। इसी दर्द को समझते हुए सरकार अब जाल खरीदने, पंचायती तालाब को लीज पर लेने और यहाँ तक कि मछली बेचने के लिए रेहड़ी, स्टोव या बर्तन खरीदने के लिए भारी अनुदान दे रही है।
जेब से नहीं लगेगा पूरा पैसा, सरकार देगी बंपर सब्सिडी
योजना के तहत पहले साल की लीज राशि का आधा हिस्सा यानी 50 प्रतिशत सरकार खुद वहन करेगी। इतना ही नहीं, अगर कोई लाभार्थी मछली बेचने के लिए दुकान या रेहड़ी लगाना चाहता है, तो उसे कुल लागत का 60 फीसदी हिस्सा सब्सिडी के रूप में मिलेगा।
अगर आपके पूरे प्रोजेक्ट की लागत 60,000 रुपये है, तो उसमें से 36,000 रुपये की मोटी रकम आपको सरकार की तरफ से मदद के रूप में मिल जाएगी। आपको अपनी जेब से बेहद मामूली रकम लगानी होगी। यह लाभ कोई भी पात्र व्यक्ति हर तीन साल में एक बार उठा सकता है।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता के कड़े नियम)
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र के मुताबिक, इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं ताकि मदद सही हाथों तक पहुंचे:
आवेदक मूल रूप से हरियाणा का निवासी और अनुसूचित जाति से होना चाहिए।
उम्र 18 साल या उससे अधिक हो।
सबसे जरूरी बात, आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र (PPP) होना अनिवार्य है।
वह किसी भी सरकारी या अर्ध-सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
कागजात रखें तैयार, सरल पोर्टल से होगा सीधा काम
दफ्तरों के चक्कर काटने के झंझट को खत्म करते हुए विभाग ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। इच्छुक लोग सरल हरियाणा पोर्टल (Antyodaya Saral Portal) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के वक्त आपको अपना आयु प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र, पहचान पत्र (जैसे राशन कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी), बैंक विवरण और रेहड़ी से जुड़ी एक फोटो अपलोड करनी होगी।
ध्यान रहे विभाग और आपके बीच एक एग्रीमेंट भी साइन होगा, जिसके बाद सीधे आपके खाते में राहत की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। अगर आप भी इस वर्ग से आते हैं और खुद का काम शुरू करना चाहते हैं, तो यह मौका हाथ से जाने न दें।

