Gurugram News: किरयाना स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित और बिना स्वास्थ्य चेतावनी वाली विदेशी सिगरेट बेचने वाले एक शातिर दुकानदार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया है।
मामला गुरुग्राम के गांव नाहरपुर का है जहां सूचना के आधार पर ड्रग्स कंट्रोलर की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक घर में चल रही दुकान पर अचानक छापा मारा।
इस छापेमारी में न केवल अवैध रूप से रखी गई इंपोर्टेड सिगरेट बरामद हुई बल्कि आरोपी दुकानदार को भी मौके पर ही काबू कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोटपा (COTPA) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिना वैधानिक चेतावनी के बेची जा रही थीं सिगरेट
ड्रग्स कंट्रोलर-3 मुकेश कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एसडीसीओ गुरुचरण सिंह के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया था जिसमें ड्रग्स कंट्रोलर-1 अमनदीप चौहान भी शामिल थे। जब टीम ने नाहरपुर स्थित ब्रह्म किरयाना स्टोर पर दबिश दी तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
नियमों की धज्जियां उड़ीं
दुकान के अंदर से इंपोर्टेड सिगरेट के 32 पैकेट बरामद हुए। भारतीय कानून के अनुसार, देश में बिकने वाले तंबाकू उत्पादों के 75 प्रतिशत हिस्से पर सचित्र चेतावनी होना अनिवार्य है लेकिन इन विदेशी पैकेटों पर ऐसा कोई संदेश या फोटो नहीं था।
न खरीद का बिल, न कोई रिकॉर्ड; सीधे पहुंचे जेल
जब जांच टीम ने पकड़े गए दुकानदार ब्रह्म प्रकाश से इन विदेशी सिगरेटों की खरीद-बिक्री (सेल-परचेज) से जुड़े दस्तावेज या बिल मांगे तो उसके हाथ-पांव फूल गए। वह कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सका।
इसके बाद टीम ने फौरन कार्रवाई करते हुए सिगरेट के सभी पैकेटों को सील कर दिया और जब्ती का मेमो तैयार कर आरोपी को खेड़कीदौला थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी मात्रा में बिना कस्टम ड्यूटी और बिना चेतावनी वाली ये सिगरेट कहां से सप्लाई की जा रही थीं।
विभाग ने साफ किया है कि तंबाकू और ड्रग्स के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

