Rewari News (Haryana): रेवाड़ी के धवाना में रविवार की उस दुपहरी ने हर किसी को सुन्न कर दिया जब माखरिया की ढाणी की बणी में एक चटाई पर लोगों की नजर पड़ी। उस चटाई के भीतर जो खौफनाक मंजर छिपा था उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। अब उस बेजान जिस्म की पहचान हो चुकी है। वह बदनसीब महिला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुमीडिया गांव की रहने वाली छब्बीस साल की ज्योति थी।
आपको बता दें कि साल 2018 में ज्योति ने बड़े अरमानों के साथ मंदौला निवासी कंवरपाल का हाथ थामा था। दोनों की शादी यूपी के ही एक मंदिर में हुई थी। उनके आंगन में चार साल का एक मासूम बेटा भी चहक रहा था। लेकिन किसे पता था कि सात फेरों के वो वादे एक दिन खूनी अंजाम तक पहुंच जाएंगे।
मृतका के लाचार पिता रामाधार ने खोल थाना पुलिस के सामने जो दर्द बयां किया है वह किसी भी संवेदनशील इंसान को रुला दे। उनका आरोप है कि दामाद कंवरपाल शराब के नशे में धुत रहता था। वह अक्सर ज्योति को बेरहमी से पीटता था। रोज-रोज के इस नरक से तंग आकर ज्योति कुछ समय पहले अपने मायके भी चली गई थी।
पिता का आरोप है कि इस बार विवाद इतना बढ़ा कि कंवरपाल ने ज्योति का गला घोंट दिया। वह इतने पर ही नहीं रुका। हैवानियत की हदें पार करते हुए उसने ज्योति के चेहरे को बुरी तरह कुचल दिया ताकि उसकी पहचान कभी न हो सके। इसके बाद उसने लाश को चटाई में लपेटकर धवाना के सुनसान जंगल में फेंक दिया और खुद फरार हो गया।
स्थानीय लोगों की सूचना पर जब पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रेवाड़ी नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया तब तक यह एक लावारिस गुत्थी थी। मंगलवार को जब रोते-बिलखते परिजन यूपी से रेवाड़ी पहुंचे तब जाकर इस खौफनाक सच से पर्दा उठा।
परिजनों के आने में हुई देरी की वजह से मंगलवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया जो अब आज किया जाएगा। पुलिस ने हत्यारे पति के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी धरपकड़ के लिए जाल बिछा दिया है ओर तलाश की जा रही है।

