Haryana Roadways News: हरियाणा की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब एक नए और आधुनिक अवतार में नजर आने वाली है। प्रदेश के परिवहन मंत्री अनिल विज ने राज्य परिवहन विभाग के बेड़े में 1000 नई बसें जोड़ने की बड़ी घोषणा की है।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य न केवल यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसों की कमी को पूरा करना है बल्कि हरियाणा रोडवेज को स्मार्ट और ‘इको-फ्रेंडली’ बनाना भी है।
इलेक्ट्रिक और सामान्य बसों का कॉम्बो
अनिल विज के अनुसार, विभाग जिन 1000 बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर रहा है, उनमें 500 बसें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी और 500 सामान्य बसें होंगी। इलेक्ट्रिक बसों पर जोर देकर सरकार प्रदूषण कम करने और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम कर रही है।
एयरपोर्ट जैसा अनुभव: डिजिटल डिस्प्ले और ट्रैकिंग
अब बस अड्डों पर यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार या बार-बार पूछताछ खिड़की पर जाने की जरूरत नहीं होगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट की तर्ज पर सभी प्रमुख बस अड्डों पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।
इन बोर्ड्स पर बसों के आने और जाने का सटीक समय फ्लैश होगा। इसके साथ ही, विभाग की हर बस में अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे मुख्यालय से बसों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
स्मार्ट मोबाइल ऐप से आसान होगी यात्रा
यात्रियों की सुविधा के लिए एक खास मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा। इस ऐप के जरिए यात्री घर बैठे बस की लोकेशन, रूट और समय-सारणी चेक कर सकेंगे। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा प्लान करने में काफी आसानी होगी।
गलत रूट लिया तो बजेगा अलार्म, चालक से माँगा जाएगा जवाब
विज ने सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। अब बसों के रूटों की निगरानी तकनीक से होगी। यदि कोई बस चालक निर्धारित रूट से भटकता है या किसी बस अड्डे को स्किप करता है तो कंट्रोल रूम में तुरंत अलर्ट जारी होगा।
सबसे खास बात यह है कि सिस्टम चालक से खुद-ब-खुद स्पष्टीकरण (Explanation) मांग लेगा। इससे चालकों की मनमानी पर लगाम लगेगी और व्यवस्था में जवाबदेही तय होगी।
जल्द शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
इस पूरी आधुनिक प्रणाली का सफल ट्रायल हो चुका है। अनिल विज ने स्पष्ट किया कि इसे सबसे पहले एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। वहां की सफलता और फीडबैक के आधार पर इसे पूरे हरियाणा में लागू कर दिया जाएगा।

