Breaking News: चिलचिलाती धूप और पसीने वाली गर्मी के साथ ही अब स्कूलों की छुट्टियों का वक्त भी करीब आ रहा है। उत्तर भारत के घरों में इन दिनों बस एक ही चर्चा है – इस बार छुट्टियों में गांव कब जाना है? या ‘पहाड़ों की सैर पर कब निकलना है? लेकिन इस उत्साह के बीच सबसे बड़ी चिंता होती है ट्रेन में कंफर्म टिकट की। यात्रियों की इसी फिक्र को समझते हुए उत्तर रेलवे ने इस बार पहले ही मोर्चा संभाल लिया है।
रेलवे ने घोषणा की है कि छुट्टियों के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को संभालने के लिए कुल 27 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि गर्मी के दिनों में नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का आंकड़ा सौ-दो सौ के पार पहुंच जाता है जिससे आम मुसाफिरों की हालत पस्त हो जाती है।
अंबाला, अमृतसर और जम्मू के रास्ते आसान
अंबाला मंडल के सीनियर वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार झा ने इस योजना पर रोशनी डालते हुए बताया कि हर साल की तरह इस बार भी स्टेशनों पर पैर रखने की जगह नहीं मिलने वाली स्थिति से बचने की तैयारी है। उन्होंने साफ किया कि फिरोजपुर डिवीजन के तहत आने वाले अमृतसर और जम्मू जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के साथ-साथ माता वैष्णो देवी कटरा के लिए भी विशेष ट्रेनें दौड़ेंगी।
खास बात यह है कि ये सभी स्पेशल ट्रेनें अंबाला मंडल से होकर गुजरेंगी। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो पंजाब या जम्मू की तरफ से दिल्ली या अन्य राज्यों की ओर जाना चाहते हैं। अंबाला एक बड़े जंक्शन के रूप में इन ट्रेनों को कनेक्ट करेगा जिससे यात्रियों का सफर काफी हद तक सुगम हो जाएगा।
दिल्ली के स्टेशनों से यूपी-बिहार और महाराष्ट्र का सफर होगा सुहाना
सिर्फ पंजाब या जम्मू ही नहीं, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली को भी इस योजना का केंद्र बनाया गया है। दिल्ली डिवीजन अपने प्रमुख स्टेशनों और आनंद विहार टर्मिनल से खास ट्रेनें रवाना करेगा। ये ट्रेनें मुख्य रूप से उन रूटों पर चलेंगी जहां प्रवासी भाई-बहनों और पर्यटकों का दबाव सबसे ज्यादा रहता है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की ओर जाने वाली इन स्पेशल ट्रेनों से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा सुकून मिलेगा जो आखिरी वक्त पर टिकट बुक करते हैं। रेलवे का मानना है कि इन 27 अतिरिक्त ट्रेनों के चलने से पहले से चल रही नियमित ट्रेनों पर बोझ कम होगा और लोगों को धक्का-मुक्की वाली यात्रा से निजात मिलेगी।
परिजनों और बच्चों की सुविधा का रखा ख्याल
अक्सर देखा जाता है कि छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवारों के लिए ट्रेन की भीड़ किसी चुनौती से कम नहीं होती। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इसी मानवीय पहलू को ध्यान में रखकर इन ट्रेनों का शेड्यूल तैयार किया गया है। जब यात्रियों के पास विकल्प ज्यादा होंगे तो कोच के अंदर की स्थिति भी बेहतर रहेगी।
कुल मिलाकर, रेलवे की यह पहल उन लाखों लोगों के लिए एक बड़ी उम्मीद है जो इस गर्मी अपनों के पास जाना चाहते हैं। अब बस जरूरत इस बात की है कि यात्री समय रहते इन स्पेशल ट्रेनों के शेड्यूल की जानकारी जुटाएं और अपनी सीटों की बुकिंग सुनिश्चित करें ताकि सफर का आनंद बना रहे।