CG Kisan Bonus Update: छत्तीसगढ़ के किसानों की चमकी किस्मत, 28 फरवरी को खाते में आएंगे ₹10,292 करोड़
छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों के लिए खुशखबरी! CM विष्णुदेव साय 28 फरवरी को कृषक उन्नति योजना के तहत ₹10,292 करोड़ की बोनस राशि ट्रांसफर करेंगे। होली से पहले किसानों को मिला यह बड़ा तोहफा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बूस्ट देगा।
रायपुर/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं के लिए इस बार की होली (Holi) वक्त से पहले ही खुशियां लेकर आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आगामी 28 फरवरी को प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में कृषक उन्नति योजना (Krishak Unnati Yojana) के तहत बकाया अंतर राशि (Differential Amount) हस्तांतरित करेंगे।
कुल 10,292 करोड़ रुपये की यह भारी-भरकम राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसानों तक पहुंचेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है।
बिल्हा से गूंजेगा किसानों का सम्मान
इस मेगा इवेंट (Mega Event) के लिए न्यायधानी बिलासपुर के बिल्हा को चुना गया है, जहाँ एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री साय खुद वहां मौजूद रहकर बटन दबाएंगे और प्रदेशभर के किसानों को संबोधित करेंगे।
खास बात यह है कि इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण (Live Broadcast) ब्लॉक स्तर तक किया जाएगा, ताकि खेत-खलिहान से जुड़ा हर किसान इस आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment) के क्षण का गवाह बन सके।
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रिकॉर्ड तोड़ खरीदी, रिकॉर्ड तोड़ भुगतान
छत्तीसगढ़ में इस साल धान खरीदी (Paddy Procurement) ने पुराने सभी कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक चले इस महाभियान में सरकार ने लगभग 140 लाख टन धान की खरीदी की है।
25.11 लाख किसानों को पहले ही 33,149 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अब 28 फरवरी को मिलने वाली बोनस राशि किसानों के लिए ‘सोने पर सुहागा’ साबित होगी, जो उन्हें अगली फसल की तैयारी (Crop Preparation) के लिए कर्ज मुक्त बनाने में मदद करेगी।
क्यों खास है यह कदम? (Contextual Depth)
बाजार के जानकारों का मानना है कि त्योहार से ठीक पहले इतनी बड़ी नकदी (Liquidity) बाजार में आने से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति (Purchasing Power) बढ़ेगी।
साय सरकार का यह कदम केवल एक चुनावी वादा नहीं, बल्कि ‘मोदी की गारंटी’ को जमीन पर उतारने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर (Milestone) माना जा रहा है।



